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    दिल्ली सरकार ने MCD को दिया बड़ा तोहफा, लगातार दूसरे साल मिला ज्यादा बजट; देनदारी होगी कम और विकास को मिलेगी गति

    Updated: Tue, 24 Mar 2026 07:16 PM (GMT+05:30)

    दिल्ली नगर निगम को लगातार दूसरे वर्ष अधिक फंड मिला है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दिल्ली सरकार ने MCD को ₹11,266 करोड़ आवंटित किए हैं, जो पिछले वर्ष से ...और पढ़ें

    दिल्ली नगर निगम को लगातार दूसरे वर्ष अधिक फंड मिला है। फाइल फोटो

    दिल्ली नगर निगम को लगातार दूसरे वर्ष अधिक फंड मिला है। फाइल फोटो

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    निहाल सिंह, नई दिल्ली। खराब आर्थिक स्थिति से जूझ रहे दिल्ली नगर निगम को ट्रिप्पल इंजन की सरकार में लगातार दूसरे वर्ष ज्यादा फंड मिला है। वित्त वर्ष 2025-26 की तुलना में दिल्ली सरकार ने एमसीडी को 2026-27 के लिए 11266 करोड़ का आवंटन किया है।

    इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए निगम को एक हजार करोड़ रुपये सड़कों के निर्माण के लिए अतिरिक्त आवंटन किया है और तो और 300 करोड़ रुपये प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए मैकेनिकल रोड स्वीपिंग, वाटर स्प्रिंकलर और एंटी स्मॉग गन जैसे संसाधन खरीदकर देने की घोषणा की है व 200 करोड़ रुपये निगम को अतिरिक्त दिए हैं।

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    ऐसे में कुल मिलाकर एमसीडी को बीते वर्ष की तुलना में सीधे तौर पर 2229 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्रविधान किया है। जो कि आप सरकार के जाने के बाद सर्वाधिक उछाल है। जबकि दो वर्षों में निगम को मिलने वाले फंड में 4000 करोड़ से ज्यादा का बजटीय प्रविधान है।

    बजटीय प्रविधान के अलावा दिल्ली सरकार ने निगम को दूसरे क्षेत्रों में भी मदद की घोषणा की है। जिसमें लैंडफिल साइटों पर आने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए गाजीपुर, ओखला और नरेला बवाना वेस्टू टू एनर्जी प्लांट का विस्तार करके दिल्ली में कूड़ा निस्तारण की क्षमता को 15 हजार करोड़ करने की योजना है।

    दिल्ली में पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए पांच मार्डन पार्किंग का विस्तार किया जाएगा। दिल्ली में कुल मिलाकर केंद्र के साथ दिल्ली और निगम में भाजपा की सरकार होने का फायदा एमसीडी को मिल रहा है। पूर्व में आप सरकार के समय में अक्सर भाजपा की सरकार होने पर यह आरोप लगते थे कि जितना बजटीय प्रविधान एमसीडी के लिए दिल्ली सरकार को करने चाहिए उतना दिल्ली सरकार उस समय नहीं कर रही थी।

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    ज्यादा फंड से वेतन और विकास को मिलेगी गति

    एमसीडी के पास 15 हजार करोड़ की देनदारी है। ऐसे में अतिरिक्त फंड से निगम को देनदारी को कम करने में मदद मिलेगी। क्योंकि ठेकेदारों और कर्मियों क भुगतान हो सकेगा। वहीं, विकास की परियोजनाओं को भी शुरू किया जा सकेगा। कम फंड होने से की वजह से निगम को वेतन और कर्मियों के बकाये चुकाने में पूर्व में बहुत परेशानी हुई है।

    दिल्ली सरकार द्वारा एमसीडी को बजटीय प्रावधान
    वित्त वर्ष बजटीय आवंटन (करोड़ रुपये में)
    2017-18 7,571
    2018-19 6,903
    2019-20 6,380
    2020-21 6,828
    2021-22 6,172
    2022-23 6,154
    2023-24 8,241
    2024-25 8,423
    2025-26 10,537
    2026-27 11,260

    नोट: राशि करोड़ रुपये में। वर्ष 2022 तक दिल्ली में तीन निगमों को बजटीय प्रविधान था। जबकि 2022 के बाद से निगमों के एकीकरण के बाद एमसीडी को बजटीय प्रविधान हैं।

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