दिल्ली में मस्जिद के पास बुलडोजर एक्शन से तनाव, बवाल पर पुलिस ने दर्ज की FIR; फुटेज से पहचान कर 5 पर शिकंजा
पुरानी दिल्ली में मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने के दौरान पुलिस पर पथराव और हंगामे के बाद तनाव बढ़ गया है। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा और हमले के ...और पढ़ें

HighLights
पुरानी दिल्ली में अवैध निर्माण हटाने पर पथराव हुआ
पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर पांच संदिग्ध पकड़े
बुलडोजर कार्रवाई में कई अवैध संरचनाएं ध्वस्त हुईं
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पुरानी दिल्ली में अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई के दौरान पुलिस पर हुए पथराव और हंगामे के मामले में अब कानूनी शिकंजा कस दिया गया है।
पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस पर हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक FIR में धारा 221, 132, 121, 191(2), 191(3), 223(ए), 3(5) BNS और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 (PDPP Act) की धारा 3 लगाई गई हैं।

बीट इंटेलिजेंस के आधार पर हिरासत में लिए गए पांच लोग
पुलिस ने बताया कि बीट इंटेलिजेंस और सीसीटीवी/ड्रोन फुटेज के आधार पर 5 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। सभी की पहचान फुटेज से मिलान कर की जा रही है। जल्द ही इनकी भूमिका स्पष्ट होने के बाद औपचारिक गिरफ्तारी की जाएगी।

रात 1 बजे शुरू हुई कार्रवाई, सुबह 7 बजे तक चला बुलडोजर
संयुक्त आयुक्त मध्य रेंज मधुर वर्मा के अनुसार, बुधवार तड़के करीब 1 बजे पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी, जो सुबह 7 बजे तक चली।

इस दौरान अवैध लाइब्रेरी, बैंक्वेट हॉल, डिस्पेंसरी, पब्लिक टॉयलेट और एक बड़ा हॉल ध्वस्त किया गया। अधिकारियों ने बताया कि ये सभी निर्माण बिना अनुमति के और नियमों के खिलाफ बनाए गए थे, जिन्हें पहले ही अवैध घोषित किया जा चुका था।
पथराव, लाठीचार्ज और एफआईआर
तोड़फोड़ शुरू होते ही स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई और कुछ उपद्रवी तत्वों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। हालात बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। झड़प में 5 पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हुए, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
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घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात कर दिए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए निगरानी की जा रही है, ताकि दोबारा किसी तरह की हिंसा न हो। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर फुटेज के आधार पर पांच लोगों को हिरासत में लिया है।