विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

ढाई करोड़ ठगी का मामला: अशोक होटल में ऑफिस, रौब झाड़ने के लिए लालबत्ती वाली गाड़ी से चलता था मास्टरमाइंड

Updated: Sun, 16 Aug 2026 09:55 PM (IST)

केंद्र सरकार की परिषद में चेयरमैन बनाने का झांसा देकर एक कारोबारी से 2.9 करोड़ रुपये की ठगी की गई। गिरोह का मास्टरमाइंड राहुल द्विवेदी अशोक होटल में फर्जी कार्यालय चलाता था और लालबत्ती वाली गाड़ी से रौब जमाता था।

आरोपित रौब झाड़ने के लिए लालबत्ती वाली गाड़ी में चलता था।

आरोपित रौब झाड़ने के लिए लालबत्ती वाली गाड़ी में चलता था।

HighLights

  1. कारोबारी से 2.9 करोड़ रुपये की ठगी का मामला।

  2. अशोक होटल में फर्जी कार्यालय बनाकर दिया झांसा।

  3. मास्टरमाइंड राहुल द्विवेदी लालबत्ती वाली गाड़ी से चलता था।

मोहम्मद साकिब, नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से पर्यावरण संरक्षण के लिए गठित काउंसिल में हरियाणा का चेयरमैन बनाने का झांसा देकर कारोबारी से 2.9 करोड़ रुपये ठगने वाले गिरोह ने पीड़ित पर प्रभाव जमाने के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी। गिरोह के मास्टरमाइंड राहुल द्विवेदी ने नई दिल्ली स्थित अशोक होटल में बाकायदा अपना कार्यालय जैसा माहौल बना रखा था। आरोपित होटल के दूसरे और छठे तल पर स्थित बिजनेस डेवलपमेंट सेंटर को बुक करते थे। यहीं कारोबारी भरत शर्मा का फर्जी इंटरव्यू भी कराया गया था।

आरोपितों ने ओखला औद्योगिक क्षेत्र में भी एक कार्यालय बना रखा था। पीड़ित के मुताबिक, इसी कार्यालय में पीड़ित से नकद रकम ली गई थी। आरोपितों ने सरकारी पद, सुरक्षा, सरकारी आवास समेत कई सुविधाओं का लालच देकर कारोबारी को अपने जाल में फंसाया था। भरत शर्मा ने पुलिस को बताया कि उन्होंने आरोपितों को करीब 62 लाख रुपये आनलाइन दिए, जबकि बाकी रकम ओखला ओद्यौिगिक क्षेत्र में नकद दी गई। फिलहाल तीन महीने से इस आफिस को बंद कर आरोपित फरार चल रहे हैं।

चार बाडीगार्ड और लालबत्ती वाली गाड़ी से जमाता था रौब

गिरोह का मास्टरमाइंड राहुल द्विवेदी खुद को काउंसिल का उपाध्यक्ष बताता था। कारोबारी पर प्रभाव डालने के लिए वह चार बाडीगार्ड के साथ चलता था। इसके अलावा लालबत्ती लगी गाड़ी का भी इस्तेमाल करता था। आरोपितों ने इस पूरे तामझाम के जरिये कारोबारी को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की कि उनकी सरकारी अधिकारियों और केंद्र सरकार के स्तर तक पहुंच है।

16del_17_16082026_137

ओखला औद्योगिक क्षेत्र स्थित आफिस में पीड़ित को मिठाई खिलाता मुख्य आरोपित(दाएं)। फोटो सौजन्य: पीड़ित

इन आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज

पुलिस जांच में गिरोह के छह आरोपितों के नाम सामने आए हैं। इनमें जयपुर का सुनील मुदगिल, मनीष वर्मा, इंदौर का कमलेश गोदारा, योगेंद्र भाटी और फरीदाबाद का उद्यान कुलश्रेष्ठ शामिल हैं। सभी की गिरोह में अलग-अलग भूमिका थी। पुलिस के अनुसार, उद्यान कुलश्रेष्ठ के खिलाफ पिछले वर्ष अगस्त में साकेत साइबर थाना पुलिस ने भारत सरकार के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाने के आरोप में केस दर्ज किया था। इसके बाद से पुलिस को उसकी तलाश थी।

16del_18_16082026_137

ओखला औद्योगिक क्षेत्र स्थित इसी इमारत में आरोपितों ने बना रखा था ऑफिस। फोटो- जागरण

तीन राज्यों में छापेमारी

पुलिस को आशंका है कि गिरोह में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। आरोपितों की तलाश में जयपुर, इंदौर और फरीदाबाद में छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद गिरोह के नेटवर्क और उनकी ठगी की पूरी रकम का पता चल सकेगा। यह भी जांच की जा रही है कि आरोपितों ने सरकारी पद और काउंसिल में नियुक्ति का झांसा देकर इससे पहले कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।

यह भी पढ़ें- सरकारी काउंसिल का चेयरमैन बनाने का झांसा देकर सात माह तक की ठगी, पीड़ित ने घर गिरवी रखकर दिए ढाई करोड़