सरकारी काउंसिल का चेयरमैन बनाने का झांसा देकर सात माह तक की ठगी, पीड़ित ने घर गिरवी रखकर दिए ढाई करोड़
दिल्ली में जालसाजों ने हरियाणा के एक कारोबारी को सरकारी काउंसिल का चेयरमैन बनाने का झांसा देकर 2.9 करोड़ रुपये ठग लिए। पीड़ित ने घर गिरवी रखकर पैसे दिए, बाद में फर्जीवाड़ा सामने आने पर धमकी भी मिली।
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अशाेक होटल में मीटिंग के बाद पीड़ित को उपहार देता मुख्य आरोपित(बाएं)। सौजन्य: पीड़ित
HighLights
हरियाणा के कारोबारी से 2.9 करोड़ रुपये की ठगी हुई।
फर्जी सरकारी काउंसिल का चेयरमैन बनाने का दिया गया झांसा।
पीड़ित ने घर गिरवी रखकर ढाई करोड़ रुपये का लोन लिया।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। आजकल जालसाज ठगी के लिए नए से नए तरीके अपनाकर लोगों को झांसे में लेकर उनके बैंक अकाउंट खाली कर रहे हैं। अब एक नया मामला सामने आया है, जिसमें जालसाजों ने सरकारी पद, सुरक्षा, सरकारी आवास और अन्य सुविधाओं का लालच देकर हरियाणा के एक कारोबारी से 2.9 करोड़ रुपये ठग लिए।
आरोप है कि छह आरोपितों ने केंद्र सरकार की ओर से पर्यावरण संरक्षण के लिए गठित काउंसिल में आयुर्वेद दवा बनाने के कारोबारी को हरियाणा का चेयरमैन बनाने का झांसा दिया। इसके लिए चाणक्यपुरी के अशोक होटल में बाकायदा फर्जी इंटरव्यू कराया गया और बाद में फर्जी नियुक्ति पत्र भी सौंप दिया गया।

जब कारोबारी ने दस्तावेजों की पड़ताल की तो पता चला कि ऐसी कोई काउंसिल ही गठित नहीं हुई थी। जब पीड़ित ने अपने पैसे वापिस मांगे तो आरोपितों में से एक ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताकर पीड़ित को गोली मारने की धमकी दी। हैरानी की बात यह है कि आरोपितों को पैसे देने के लिए पीड़ित ने सोनीपत में अपना घर भी गिरवी रख दिया।
इसके एवज में ढाई करोड़ का लोन लिया था। मामले में चाणक्यपुरी थाना पुलिस ने 13 अगस्त को शिकायत के आधार पर छह आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अब आरोपितों की भूमिका, बैंक खातों में हुए लेनदेन, फर्जी दस्तावेजों और रकम के इस्तेमाल की जांच कर आरोपितों की तलाश में जुटी है।
पुलिस को दी शिकायत में सोनीपत निवासी कारोबारी भरत शर्मा ने बताया कि एक परिचित ने उन्हें केंद्र सरकार द्वारा पर्यावरण सुरक्षा के लिए बनाई गई नई काउंसिल के बारे में जानकारी दी। उन्हें हरियाणा में काउंसिल के चेयरमैन पद के लिए आवेदन करने की सलाह दी। इसके बाद उनकी मुलाकात उद्यान कुलश्रेष्ठ नामक आरोपित से हुई, जिसने खुद को काउंसिल का उपाध्यक्ष बताया। आरोप है कि उसने उन्हें फर्जी काउंसिल के उपाध्यक्ष जयपुर के राहुल द्विवेदी से मिलवाया।
इसके बाद फर्जी काउंसिल से जुड़े अधिकारी बताकर कमलेश गोदारा और मनीष वर्मा से उनका इंटरव्यू कराया गया। यह इंटरव्यू चाणक्यपुरी स्थित अशोक होटल में आयोजित किया गया। इसके अलावा आरोपितों के ओखला स्थित आफिस में भी कई बैठकें आयोजित की गईं। आरोपितों ने कारोबारी के सामने पद की ऐसी तस्वीर पेश की कि वह उनके झांसे में आ गए।
500 करोड़ के बजट का दिया झांसा
आरोपितों ने दावा किया कि हरियाणा में बड़े पैमाने पर पौधारोपण और उनके रखरखाव के लिए करीब 500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। कारोबारी को बताया गया कि चेयरमैन बनने के बाद उन्हें सरकारी वाहन, पुलिस सुरक्षा, वेतन, सरकारी आवास समेत कई सुविधाएं मिलेंगी।
व्यापारियों से उधार लेकर और घर गिरवी रखकर दी रकम
इसके बाद नियुक्ति के लिए उनसे रकम की मांग की गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने आरोपितों को पैसे देने के लिए व्यापारियों से उधार लिया और सोनीपत स्थित अपने मकान को गिरवी रखकर बैंक से ढाई करोड़ का लोन भी लिया। 27 नवंबर 2024 से 31 मई 2025 तक अलग-अलग बैंक खातों और नकद के माध्यम से पीड़ित ने 2.9 करोड़ आरोपितों को सौंप दिए। रकम देने के बाद आरोपितों ने उन्हें नियुक्ति पत्र सौंप दिया।
आरटीआई से सामने आया फर्जीवाड़ा
नियुक्ति पत्र की जांच के दौरान कारोबारी को दस्तावेज पर संदेह हुआ। जब उन्होंने संबंधित सरकारी विभागों से जानकारी जुटाई तो पता चला कि केंद्र सरकार ने ऐसी कोई काउंसिल गठित नहीं की थी। कारोबारी को यह भी पता चला कि इसी काउंसिल के नाम पर पहले भी धोखाधड़ी की गई थी और इस संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज है।
पीड़ित के मुताबिक, जब उन्हें ठगी का पता चला ताे उन्होंने आरोपितों से अपनी रकम लौटाने का दबाव बनाया। पहले तो आराेपित उन्हें टालते रहे जब पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज कराने की बात बोली तो आरोपित सुनील मुडगिल ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य बताकर उनकी गोली मारकर हत्या करने की धमकी दी।

