दिल्ली के कैब ड्राइवरों को ट्रैफिक रूल्स की नहीं परवाह, उल्लंघन के मामले 35% बढ़े; मेहरौली कांड के बाद बढ़ी सख्ती
राजधानी दिल्ली में इस साल 20 जून तक कैब ड्राइवरों द्वारा ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन में 35% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती ...और पढ़ें

कैब ड्राइवरों द्वारा ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन में करीब 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एआई इमेज
HighLights
कैब ड्राइवरों के ट्रैफिक उल्लंघन में 35% की वृद्धि।
मेहरौली कांड के बाद पुलिस ने बढ़ाई निगरानी और सख्ती।
गलत पार्किंग, परमिट उल्लंघन प्रमुख मामले सामने आए।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में इस साल 20 जून तक कैब ड्राइवरों द्वारा ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन में करीब 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ट्रैफिक पुलिस ने इस दौरान 1.4 लाख से अधिक स्पॉट चालान जारी किए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 1 लाख से थोड़ी अधिक थी।
यह मुद्दा तब और गंभीर हो गया जब दो सप्ताह पहले मेहरौली में एक लड़की का अपहरण, बलात्कार और हत्या करने वाले कैब ड्राइवर के खिलाफ पहले से ही करीब एक दर्जन ट्रैफिक उल्लंघन के मामले दर्ज थे।
रखनी होगी और बारीक नजर
ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त आयुक्त संजय त्यागी ने टीओआई को बताया कि विभाग ने ट्रैफिक उल्लंघनों वाले हॉटस्पॉट्स पर निगरानी और चेकिंग अभियान तेज कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि चालान की संख्या बढ़ने के पीछे सख्ती बढ़ाना भी एक बड़ा कारण है। अब ध्यान खासतौर पर दोहराने वाले अपराधियों पर है।
सबसे ज्यादा उल्लंघन इन श्रेणियों में
ट्रैफिक विभाग के विश्लेषण के अनुसार, इस साल कैब ड्राइवरों के सबसे ज्यादा उल्लंघन निम्नलिखित हैं...
- गलत और अवरोधक पार्किंग : 1 लाख से अधिक चालान
- परमिट संबंधी उल्लंघन : 9,933 चालान
- रेड लाइट जंप करना : 7,159 चालान
कमाई का दबाव
कई कैब ड्राइवर जब पकड़े जाते हैं तो कहते हैं कि यात्री उन्हें जल्दी गंतव्य तक पहुंचाने के लिए मजबूर करते हैं। रोड ट्रैफिक एजुकेशन संस्थान के अध्यक्ष रोहित बालूजा ने कहा, 'दिनभर में ज्यादा से ज्यादा ट्रिप पूरी करने की होड़ में ड्राइवर नियम तोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। उनके लिए समय ही पैसा है। एक सवारी खत्म होते ही दूसरी शुरू।' इसके अलावा कई टैक्सियों की खराब हालत भी यात्रियों के लिए जोखिम बढ़ा रही है।
पुलिस का रुख
ट्रैफिक पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त दिनेश गुप्ता ने कहा कि कई ड्राइवरों में ट्रैफिक नियमों की जानकारी और जागरूकता की कमी एक बड़ी समस्या है। विभाग ने कैब ड्राइवरों के लिए जागरूकता अभियान और संवेदनशीलता कार्यक्रम चलाए हैं ताकि वे जिम्मेदार ड्राइविंग करें और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दें। ट्रैफिक पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि सड़क अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।