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दिल्ली मतदाता सूची से छह नाम हटाने पर विवाद, CEO कार्यालय ने सार्वजनिक की अहम जानकारी

Published: Thu, 10 Sep 2026 09:13 AM (IST)

दिल्ली में मतदाता सूची से नाम हटाने पर विवाद के बीच, मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने छह मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर स्पष्टीकरण दिया है।

मतदाता सूची से नाम कटने का मामला। जागरण

मतदाता सूची से नाम कटने का मामला। जागरण

HighLights

  1. दिल्ली मतदाता सूची से छह नाम हटाने पर विवाद।

  2. सीईओ कार्यालय ने घर-घर जांच के आधार पर कार्रवाई स्पष्ट की।

  3. स्थानांतरण, मृत्यु और जानकारी न देने जैसे कारण बताए गए।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में 31 अगस्त को जारी प्रारूप मतदाता सूची को लेकर उठे विवाद के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने छह मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर स्पष्टीकरण दिया है।

बताया गया कि 5 सितंबर को एक सिविल सोसाइटी समूह की ओर से आयोजित जन सुनवाई में आरोप लगाया गया था कि मंगोलपुरी की नीलम, सुनीता देवी, लक्ष्मी देवी, कांता प्रसाद, रेहाना और गुड्डी देवी के नाम गलत तरीके से एएसएसडी (स्थायी रूप से स्थानांतरित/मृत) सूची में शामिल किए गए हैं।

सीईओ कार्यालय ने कहा कि नामों से संबंधित कार्रवाई बीएलओ की ओर से 30 जून से 17 अगस्त के बीच घर-घर जाकर की गई स्थानीय जांच के आधार पर की गई है।

इनकार करने की बात रिकॉर्ड में दर्ज

वहीं, कार्यालय के अनुसार लक्ष्मी देवी, नीलम और सुनीता देवी के स्थायी रूप से स्थानांतरित होने की पुष्टि हुई थी। वहीं रेहाना के मामले में उनके पति मोहम्मद शेर द्वारा गणना फार्म लेने से इनकार करने की बात रिकॉर्ड में दर्ज है।

मतदाता रिकॉर्ड का विवरण मेल नहीं खाया

कांता प्रसाद के मामले में परिवार के सदस्य शिवांशु से मिली जानकारी के आधार पर उन्हें मृत श्रेणी में रखा गया। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट में जिन कामता प्रसाद का उल्लेख है, वह अलग व्यक्ति हैं और उन्होंने अब फार्म-6 भर दिया है। गुड्डी देवी के मामले में मतदाता रिकॉर्ड का विवरण मेल नहीं खाया, जबकि स्थानीय जांच में उनके स्थानांतरित होने की पुष्टि हुई।

सीईओ कार्यालय ने कहा कि किसी पात्र नागरिक का नाम उचित प्रक्रिया और सुनवाई का अवसर दिए बिना नहीं हटाया जाता। आयोग ने पारदर्शी और निष्पक्ष मतदाता सूची तैयार करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

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