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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 08, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Delhi Chhawla Case: निर्भया से ज्यादा दरिंदगी हुई थी छावला की युवती के साथ, 70 km तक कार में हुआ घिनौना काम

    By Jagran NewsEdited By: JP Yadav
    Updated: Tue, 08 Nov 2022 10:40 AM (IST)

    Chhawla Case फरवरी 2012 में युवती का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इसके बाद बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई। युवती का क्षत-विक्षत शरीर अपहरण के ती ...और पढ़ें

    Chhawla Case फरवरी, 2012 में हुआ था युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म और फिर कर दी गई थी उसकी हत्या।
    Chhawla Case फरवरी, 2012 में हुआ था युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म और फिर कर दी गई थी उसकी हत्या।

    नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। पश्चिमी दिल्ली के छावला सामूहिक दुष्कर्म मामले (Chhawla Case) के तीनों आरोपितों की फांसी की सजा को निरस्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बरी कर दिया। इस पर पीड़ित परिवार ने निराशा जताई है। परिवार ने इंसाफ की लड़ाई जारी रखने की बात कही है।

    निर्भया केस से 9 महीने पहले हुई थी ऐसी ही वारदात

    बता दें कि निर्भया दुष्कर्म कांड (16 दिसंबर, 2012) से लगभग दस माह पहले भी दिल दहलाने वाली वारदात हुई थी। कार सवार तीन युवकों ने छावला की रहने वाली 19 वर्षीय युवती को अगवा कर चलती कार में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म के दौरान दरिंदगी की थी। उस घटना ने भी देश को शर्मसार कर दिया था। बताया जा रहा है कि दिल्ली के छावला से हरियाणा के रेवाड़ी के बीच तकरीबन 70 किलोमीटर तक युवती के साथ दरिंदगी की गई।

    घटनाक्रम के मुताबिक, 9 फरवरी, 2012 को जब बेटी काफी देर तक घर नहीं पहुंची तो गुमशुदा बेटी के पिता मदद के लिए पुलिस के पास पहुंचे थे। पुलिस वालों ने उन्हें कहा था कि युवती को ढूंढ़ने के लिए उनके पास वाहन नहीं हैं। पुलिस की हीलाहवाली के कारण तब तक आरोपित, पीड़िता को लेकर हरियाणा की सीमा में प्रवेश कर चुके थे। उसके बाद युवकों ने चलती कार में पीड़िता से बदसलूकी शुरू कर दी थी।

    कार के भीतर पीड़िता को दांतों से काटा, सिगरेट से दागा

    बताया जा रहा है कि रास्ते में आरोपितों ने एक ठेके से बीयर भी खरीदी थी। आरोपितों ने दुष्कर्म करने के साथ ही उसके शरीर पर कई जगह दांतों से भी काट लिया था और सिगरेट से जलाया भी था। इस दौरान पीड़िता कार के अंदर शोर मचाते हुए जान बचाने की गुहार लगाती रही, लेकिन शीशा बंद होने के कारण न तो किसी राहगीर को उसकी आवाज सुनाई दी, न ही आरोपितों का दिल पसीजा।

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    हत्या से पहले फोड़ दी थी आंखें

    बदहवास हालत में पीड़िता ने जब आरोपितों से पानी पीने की इच्छा जताई, तब उनके दिमाग में उसकी हत्या करने की बात आई। उन्होंने पहले पीड़िता के आंखें फोड़ीं। दर्द से कराहने पर आरोपितों ने उसे रास्ते में एक जगह पानी पिलाया और बाद में उसी घड़े से सिर पर वार कर उसे जख्मी भी कर दिया।

    प्राइवेट पार्ट को भी दिया गया था जला

    इतने से भी दिल नहीं भरा, तो पेचकस को गाड़ी के साइलेंसर पर रखकर गर्म करने के बाद उससे भी उसे जलाया। दरिंदगी की हदें तो तब पार कर दी गईं, जब पीड़िता के प्राइवेट पार्ट को भी जला दिया और बीयर की बोतल तोड़कर उसके शरीर पर वार कर बुरी तरह घायल कर दिया।

    बताया जाता है कि आरोपितों के पकड़े जाने पर उन्होंने कुबूल किया था कि उन्होंने पीड़िता पर कई वार किए थे। जब उन्होंने सुनिश्चित कर लिया कि उसकी मौत हो गई है, तब वे शव को रेवाड़ी में सुनसान जगह पर फेंककर भाग गए थे। घटना के पांच दिन बाद पुलिस ने रेवाड़ी से युवती का शव बरामद किया था।

    एकतरफा प्यार में किया था मर्डर !

    पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि सभी आरोपित रवि, राहुल और विनोद हरियाणा के रहने वाले हैं। सभी ड्राइवर की नौकरी करते थे। रवि, पीड़िता से एकतरफा प्यार करता था। रवि की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अन्य आरोपितों का पता लगाकर उन्हें दबोचा था। दिल्ली पुलिस ने मामले को ‘दुर्लभतम’ बताते हुए दोषियों के लिए फांसी की मांग की थी।

    रवि कुमार, राहुल और विनोद पर फरवरी 2012 में युवती के अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और बेरहमी से उसकी हत्या करने का आरोप था। युवती का क्षत-विक्षत शरीर अपहरण के तीन दिन बाद मिला था। यह हरियाणा के रेवाड़ी के रोधई गांव के खेतों में मिला था।

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