दिल्ली में 365 दिन स्वच्छ हवा के लिए उतरीं CM रेखा गुप्ता, किया 'मेड इन इंडिया' तकनीक का निरीक्षण
दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण से निपटने के लिए मेड इन इंडिया तकनीकों पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रामा रोड, कीर्ति नगर और मायापुरी मार्ग प ...और पढ़ें

कीर्ति नगर से मायापुरी मार्ग पर संचालित भारत की पहली ईवी-माउंटेड एंटी-स्माग गन का निरीक्षण करने पहुंची मुख्यमंत्री।
HighLights
सीएम रेखा गुप्ता ने प्रदूषण नियंत्रण प्रणालियों का निरीक्षण किया।
मेड इन इंडिया तकनीकें वायु प्रदूषण से लड़ने में सहायक।
STR-101, एंटी-स्मॉग गन, पवन III का जायजा लिया।
जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार अब अत्याधुनिक मेड इन इंडिया तकनीकों पर जोर दे रही है। शनिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में लगाए गए तीन आधुनिक एयर प्यूरीफिकेशन और प्रदूषण नियंत्रण सिस्टम का ग्राउंड निरीक्षण किया। इस दौरान दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने रामा रोड, कीर्ति नगर और मायापुरी मार्ग पर लगाए गए हाईटेक प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की कार्यप्रणाली और प्रभाव का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के खिलाफ दिल्ली सरकार की लड़ाई केवल सर्दियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे वर्ष 365 दिन स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
सीएम ने किया बारीक निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले रामा रोड पर लगाए गए एसटीआर-101 फिल्टर-रहित एयर प्यूरीफायर सिस्टम का निरीक्षण किया। सड़क के बीचों-बीच बिजली के खंभों पर इसकी 21 इकाइयां लगाई गई हैं। सरकार के अनुसार यह प्रणाली प्रति घंटे करीब तीन लाख लीटर हवा को शुद्ध करने की क्षमता रखती है। यह पीएम 2.5, पीएम 10, धूल, धुएं और अन्य प्रदूषण फैलाने वाले सूक्ष्म पदार्थ को कम करने में मदद करती है।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने कीर्ति नगर से मायापुरी मार्ग पर संचालित भारत की पहली ईवी-माउंटेड एंटी-स्माग गन का निरीक्षण किया। यह तकनीक सूक्ष्म जल कणों के छिड़काव के जरिए हवा में मौजूद धूल और प्रदूषण युक्त कणों को नीचे बैठाने का काम करती है। इसमें रियल-टाइम पीएम सेंसर और आईओटी आधारित नियंत्रण प्रणाली भी लगी है।
पवनIII डिवाइस का भी निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने पवन III रोडसाइड एयर पाल्यूशन कंट्रोल डिवाइस का भी निरीक्षण किया, जो वाहनों से निकलने वाले धुएं को स्रोत के पास ही नियंत्रित करने के उद्देश्य से विकसित की गई है। सरकार के मुताबिक, कोल्हापुर में हुए परीक्षण के दौरान इससे पार्टिकुलेट प्रदूषण में करीब 29 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई थी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार वैज्ञानिक शोध, इनोवेशन और नई तकनीकों के जरिए प्रदूषण नियंत्रण के स्थायी समाधान विकसित करने पर काम कर रही है।