विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दिल्ली में 5 मंजिल वाली इमारतें होंगी सील, नपेंगे अफसर; CM बोलीं- दिल्लीवालों की सुरक्षा से समझौता नहीं

Published: Mon, 07 Sep 2026 10:31 AM (IST)

सत्यानिकेतन में पीजी भवन गिरने के बाद दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ...और पढ़ें

HighLights

  1. सत्यानिकेतन हादसे के बाद अवैध निर्माणों पर कार्रवाई तेज

  2. नियमों का उल्लंघन कर बनी पांचवीं मंजिलें तत्काल सील होंगी

  3. सत्यानिकेतन के पीजी व अन्य भवनों की सघन जांच

वीके शुक्ला, नई दिल्ली। सत्य निकेतन में PG की बिल्डिंग गिरने से छह लोगों की मौत के बाद दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का फैसला लिया है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्देश दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए पांच मंजिल वाले अवैध बिल्डिंगों को तत्काल सील किया जाए। साथ ही सत्य निकेतन और आसपास के PG व अन्य भवनों की सघन जांच भी होगी।

हादसे के बाद अब पांच मंजिल वाली इमारतों पर नजर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार सुबह दोबारा सत्य निकेतन घटनास्थल का दौरा किया और वहां सुरक्षा व्यवस्था व चल रही कार्रवाई की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने निर्देश दिए कि नियमों का उल्लंघन कर बनाई गई पांचवीं मंजिल वाले भवनों को तुरंत सील किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्लीवासियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

satya niketan 2

4 मंजिल से ज्यादा के अवैध निर्माण होंगे सील:MCD

सत्य निकेतन हादसे के मामले में भवन मालिक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। जांच में अगर किसी MCD अधिकारी की लापरवाही या भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

MCD ने भी कहा है कि चार मंजिल से ज्यादा के अवैध निर्माण तत्काल सील किए जाएंगे। ऐसे निर्माण को अनुमति देने या समय पर कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उनके खिलाफ तत्काल बर्खास्तगी तक की कार्रवाई का प्रावधान बताया गया है। ये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

सत्य निकेतन के PG और दूसरे भवनों की होगी जांच

सरकार के निर्देश के बाद सत्य निकेतन और आसपास के इलाके में बने PG और दूसरे भवनों की सघन जांच की जाएगी। निर्माण नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित भवन को सील करने समेत अन्य कार्रवाई की जाएगी।

सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास है और छात्रों के लिए यहां बड़ी संख्या में PG और किराये के आवास हैं। अधिकारियों के मुताबिक, समय के साथ कई संपत्तियों में अतिरिक्त कमरे और मंजिलें जोड़ी गईं।

जिस भवन में हादसा हुआ, उसमें क्या मिला?

जिस P-14 भवन के गिरने से छह लोगों की मौत हुई, वह करीब 55 वर्ग गज के प्लॉट पर बना था। MCD की रिपोर्ट के मुताबिक इसमें बेसमेंट और ग्राउंड से चौथी मंजिल तक निर्माण था। यह इमारत कथित तौर पर 1990 के दशक में बनी थी।

MCD रिपोर्ट में संपत्ति के लिए सैंक्शन बिल्डिंग प्लान का रिकॉर्ड नहीं मिलने की बात कही गई है। बेसमेंट में किया गया निर्माण भी अनधिकृत बताया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक FAR नियमों के तहत पांचवीं मंजिल की अनुमति नहीं थी। इसी के बाद अब पांचवीं मंजिल वाले अवैध निर्माणों पर तत्काल कार्रवाई का फैसला लिया गया है।

satya niketan 1

हादसे की वजह की अभी भी चल रही जांच

P-14 हादसे की जांच जारी है। पुलिस ने भवन मालिक हरिराम बंसल और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की है। हादसे से पहले चल रहे renovation और construction work की भी जांच हो रही है।

जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संरचनात्मक बदलाव, निर्माण गतिविधि या किसी अन्य नियम के उल्लंघन से भवन कमजोर हुआ था या नहीं। हादसे की सटीक वजह अभी जांच में है।

सत्यानिकेतन हादसे के बाद सरकार ने कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है। अब पांचवीं मंजिल वाले अवैध निर्माणों की सीलिंग के साथ आसपास के PG और अन्य भवनों की जांच होगी। नियमों के उल्लंघन में अधिकारियों की भूमिका मिलने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें- सत्य निकेतन में PG गिरने के बाद बगल वाली बिल्डिंग में आईं दरारें, MCD ने जारी किया नोटिस

यह भी पढ़ें- सत्य निकेतन हादसे के बाद वेंकटेश्वर कॉलेज बंद, पीजी बंद होने से क्लासरूम में ठहराए गए बेघर छात्र

यह भी पढ़ें- सत्य निकेतन हादसे के बाद ट्रैफिक अलर्ट, धौला कुआं-RTR समेत कई मार्गों पर जाम; एडवाइजरी जारी

यह भी पढ़ें- कब सबक लेंगे MCD के अफसर? सत्य निकेतन में 4 साल में दूसरी बार गिरी इमारत; जांच-मुआवजे तक ही रहता है एक्शन