मुनाफा कमाने का लालच देकर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दिल्ली में 47.20 लाख की ठगी के आरोप में तीन धरे
क्राइम ब्रांच ने दिल्ली में 47.20 लाख रुपये की निवेश धोखाधड़ी के आरोप में तीन जालसाजों, विशाल चौहान, ऋत्विक यादव और प्रियल प्रताप यादव को गिरफ्तार किय ...और पढ़ें

मुनाफा कमाने का लालच देकर 47.20 लाख ठगने वाले तीन धरे। (AI Generated Image)
HighLights
दिल्ली में 47.20 लाख रुपये की निवेश धोखाधड़ी में तीन गिरफ्तार।
फर्जी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से स्टॉक, आईपीओ में निवेश का लालच।
कमीशन पर बैंक खाते इस्तेमाल कर करते थे वित्तीय लेन-देन।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर 47.20 लाख रुपये ठगने वाले तीन जालसाजों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित कमीशन के आधार पर हासिल किए गए बैंक खातों के जरिये धोखाधड़ी वाले वित्तीय लेन-देन में शामिल थे।
इनकी पहचान जींद के विशाल चौहान, ऋत्विक यादव और मैनपुरी के प्रियल प्रताप यादव के रूप में हुई है। इनके कब्जे से ठगी में इस्तेमाल हुई बैंक किट, सिम कार्ड व मोबाइल फोन बरामद हुए हैं और इनसे पूछताछ कर गिरोह में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है।
उपायुक्त आदित्य गौतम के मुताबिक, बीते वर्ष नवंबर में दक्षिण-पश्चिम जिले के साइबर थाने में ठगी की शिकायत दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्हें एक फर्जी आनलाइन प्लेटफार्म के जरिये स्टाक्स, इक्विटीज और आइपीओ में निवेश करने का लालच दिया गया था।
12 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों से जुड़ा था खाता
जांच के दौरान ओरेंज हर्ब्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर एक करंट अकाउंट सामने आया, जिसमें धोखाधड़ी से मिली राशि में से तीन लाख जमा किए गए थे। उक्त खाता 12 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों से जुड़ा था, जिससे धोखाधड़ी से प्राप्त पैसों को ठिकाने लगाया गया।
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आरोपितों को पकड़ने के लिए एसीपी रमेश चंद्र लांबा की देखरेख और इंस्पेक्टर सतेंद्र पूनिया व इंस्पेक्टर सोहन लाल बिजारनिया के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने जींद के विशाल चौहान को दबोचा।
उसने जान-बूझकर अपने बैंक खाते की जानकारी, सिम कार्ड, डेबिट कार्ड और चेक बुक सह-आरोपितों के साथ कमीशन के आधार पर साझा किए थे। अवैध लेन-देन के लिए उसे 50 हजार मिले थे। उसके पास से अपराध से जुड़े तीन मोबाइल फोन बरामद हुए।
इसके बाद बिचौलिये ऋत्विक यादव को जयपुर से दबोचा गया। उसने विशाल चौहान से बैंक किट व सिम कार्ड को कमीशन के बदले अन्य सह-साजिशकर्ताओं को दिए थे। टीम ने प्रियल प्रताप यादव को किंग्सवे कैंप से पकड़ा।
मोबाइल फोन भी जब्त
धोखाधड़ी वाले लेन-देन में इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। पूछताछ से पता चला कि आरोपित एक बड़े संगठित गिरोह का हिस्सा थे।
यह गैंग 25 से 40 प्रतिशत तक कमीशन के आधार पर व्यक्तियों व फर्मों के बैंक खाते हासिल करता था और उनका इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी से मिली रकम को इधर-उधर करने के लिए करता था, ताकि उनकी पहचान न हो सके।