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    खंडवा क्रिकेट लीग से लेकर इंदौर के लग्जरी फ्लैट तक, इंजीनियर ठग ने देशभर में फैला रखा था नेटवर्क

    Updated: Tue, 12 May 2026 06:04 PM (IST)

    फर्जी निवेश एप और वेबसाइट के जरिए देशभर में ठगी करने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड सॉफ्टवेयर इंजीनियर रवि राठौड़ निकला। यह गिरोह दिल्ली, बेंगलुरु और मध्य ...और पढ़ें

    पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपित। फाइल फोटो

    पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपित। फाइल फोटो

    HighLights

    1. सॉफ्टवेयर इंजीनियर रवि राठौड़ फर्जी निवेश का मास्टरमाइंड।

    2. गिरोह का नेटवर्क दिल्ली, बेंगलुरु, मध्य प्रदेश तक फैला।

    3. ठगी के पैसों से लग्जरी फ्लैट, क्रिकेट लीग में निवेश।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। फर्जी निवेश एप और वेबसाइट के जरिये देशभर में लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े मिले हैं। मध्य जिले की साइबर थाना पुलिस की जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क दिल्ली, बेंगलुरु और मध्य प्रदेश सहित देशभर में फैला हुआ था।

    गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश तेज

    गिरोह का मास्टरमाइंड साॅफ्टवेयर इंजीनियर रवि राठौड़ तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल कर लोगों को फर्जी निवेश योजनाओं के जाल में फंसाता था। वह सालाना तीस लाख की सैलरी पैकेज वाली जॉब करता था। पुलिस अब गिरोह में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

    नकली मुनाफा दिखाकर देता था भरोसा

    जांच में पता चला है कि आरोपित इंटरनेट मीडिया प्लेटफाॅर्म पर ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश से जुड़े विज्ञापन चलाते थे। इन विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देकर मोबाइल एप और फर्जी वेबसाइट से जोड़ा जाता था। शुरुआत में पीड़ितों को छोटी रकम पर नकली मुनाफा दिखाया जाता था ताकि उनका भरोसा जीता जा सके। इसके बाद उन्हें बड़ी रकम निवेश करने के लिए उकसाया जाता था।

    निवेश के बाद बंद कर देते अकाउंट

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जैसे ही पीड़ित बड़ी रकम निवेश करते थे, आरोपित उनका अकाउंट बंद कर देते थे या उन्हें एप और वेबसाइट से हटा देते थे। इसके बाद पीड़ितों से संपर्क भी तोड़ दिया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह खासतौर पर युवाओं और ऑनलाइन ट्रेडिंग में रुचि रखने वाले लोगों को निशाना बनाता था।

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    बढ़ सकती है ठगी की रकम

    पुलिस का कहना है कि कई पीड़ितों ने कम रकम गंवाने के कारण शिकायत दर्ज नहीं कराई, जिससे ठगी की वास्तविक रकम और अधिक होने की आशंका है। पुलिस अब दर्ज शिकायतों और बैंक खातों के लेनदेन के आधार पर ठगी की कुल रकम का पता लगाने में जुटी है। साथ ही फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों को लगाया गया है।

    महंगी गाड़ियां और लग्जरी फ्लैट का शौकीन

    जांच में पता चला है कि गिरोह का मास्टमाइंड रवि ठगी की रकम से महंगी गाड़ियों के अलावा इंदौर में लग्जरी फ्लैट और प्रापर्टी खरीदने का शौक रखता था। उसके नाम कई लग्जरी फ्लैट होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस यह पता लगा रही है कि उसने ठगी की रकम कहां-कहां ठिकाने लगाई है।

    वहीं, सुदामा ने ठगी की रकम से खंडवा में लाेकल क्रिकेट लीग का आयोजन करवा रहा था। आरोपित मध्य प्रदेश क्रिकेट लीग में सांवरिया किंग्स खंडवा से जुड़ा हुआ है। इस टीम के लिए वह मोटी रकम खर्च करता था।

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