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    दिल्ली की बिजली कंपनियों का होगा CAG ऑडिट, डिस्काॅम की जांच से खुलेगा 38,000 करोड़ की देनदारी का राज

    Updated: Thu, 02 Jul 2026 05:09 PM (GMT+05:30)

    दिल्ली सरकार ने निजी बिजली वितरण कंपनियों (डिस्काॅम) के खातों की कैग ऑडिट का आदेश दिया है, जिसे बीएसईएस की याचिका खारिज होने के बाद दिया गया है। ...और पढ़ें

    दिल्ली की बिजली कंपनियों का होगा कैग ऑडिट। फोटो: आर्काइव

    दिल्ली की बिजली कंपनियों का होगा कैग ऑडिट। फोटो: आर्काइव

    HighLights

    1. दिल्ली सरकार ने निजी डिस्काॅम खातों की कैग ऑडिट का आदेश दिया

    2. बीएसईएस की कैग ऑडिट याचिका हाई कोर्ट द्वारा खारिज की गई

    3. कैग ऑडिट से दिल्ली के बिजली क्षेत्र में व्यापक सुधार होंगे

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने निजी बिजली वितरण कंपनियों (डिस्काॅम) के खातों की कैग ऑडिट का आदेश दिया है। पिछले माह बिजली वितरण कंपनी बीएसईएस ने कैग ऑडिट के विरोध में दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। उसके बाद दिल्ली सरकार ने यह आदेश दिया है।

    दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि बिजली क्षेत्र के निजीकरण के बाद वर्षों तक अनेक वित्तीय निर्णय, विशेष व्यवस्थाएं और लगातार बढ़ती देनदारी की सार्वजनिक जांच नहीं हो सकी।

    आम आदमी पार्टी पर मंत्री ने बोला हमला

    पिछली आम आदमी पार्टी सरकार ने व्यवस्था की जांच करने के बजाय उसे संरक्षण देने का काम किया था। जो कार्य वे दस वर्षों में नहीं कर सके, हमारी सरकार ने कुछ ही महीनों में उसकी शुरुआत कर दी है।

    उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि लगातार नियामक परिसंपत्ति कैसे बढ़ती रही और यह लगभग 38,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इसका बोझ दिल्ली के लोगों पर पड़ा। कैग ऑडिट इन सभी तथ्यों को सामने लाएगा।

    ऑडिट से बिजली व्यवस्था में होंगे जरूरी सुधार

    ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यह केवल पूर्व सरकार के कामों की जांच नहीं है बल्कि यह ऑडिट तो दिल्ली के बिजली क्षेत्र में व्यापक सुधारों की आधारशिला है। इसकी वास्तविक सफलता उन सुधारात्मक कदमों, अधिक प्रभावी नियमन और मजबूत जवाबदेही से तय होगी जो इसके बाद लागू किए जाएंगे।

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    दिल्ली का कोई भी ईमानदार करदाता किसी के निजी हितों, विशेष कृपा या गलत निर्णयों की कीमत चुकाने के लिए मजबूर नहीं होगा। जनता के धन का प्रत्येक रुपया सुरक्षित रखना हमारी सरकार की जिम्मेदारी है।

    हमारी सरकार ने पूरी प्रक्रिया कानून के अनुरूप और पूर्ण पारदर्शिता के साथ पूरी की है। अब हमें सभी डिस्काम से पूर्ण सहयोग की अपेक्षा है।

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