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    अगर आप दिल्ली में रहते हैं तो ये 8 नियम जानना जरूरी है, नहीं तो लग सकता है जुर्माना

    Updated: Thu, 02 Jul 2026 04:12 PM (IST)

    दिल्ली सरकार ने सर्दियों में गंभीर वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए एक स्थायी 'मास्टर प्लान' अधिसूचित किया है। इसके तहत 1 नवंबर से 28 फरवरी तक कई नि ...और पढ़ें

    प्रदूषण रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने मास्टर प्लान को नोटिफाई किया है। (AI Generated Image)

    प्रदूषण रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने मास्टर प्लान को नोटिफाई किया है। (AI Generated Image)

    HighLights

    1. निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर तीन महीने की रोक।

    2. सरकारी, निजी कार्यालयों में 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य।

    3. बिना वैध PUC के पेट्रोल या गैस नहीं मिलेगी।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राजधानी में हर साल सर्दियों में होने वाले गंभीर वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक स्थायी ‘मास्टर प्लान’ नोटिफाई किया है। पर्यावरण एवं वन विभाग द्वारा जारी इस नोटिफिकेशन के तहत हर साल 1 नवंबर से 28 फरवरी तक विशेष नियम लागू रहेंगे।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने के संकल्प में सभी नागरिकों, संस्थाओं और विभागों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य हर साल अलग-अलग आदेश जारी करने की प्रक्रिया को समाप्त कर एक सुव्यवस्थित, स्थायी और सख्त व्यवस्था स्थापित करना है।

    इस मास्टर प्लान में 8 प्रमुख नियमों को अनिवार्य किया गया है, जो प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों जैसे निर्माण गतिविधियों से निकलने वाले धूल, वाहन प्रदूषण, ट्रैफिक और खुले में कचरा जलाने पर सीधा प्रहार करेंगे। इसका पालन नहीं होने पर सरकार की तरफ से भारी जुर्माने का भी प्रावधान है।

    1. निर्माण और तोड़फोड़ पर कब तक रहेगी रोक?

    हर वर्ष 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल पैदा करने वाली सभी निजी तथा सरकारी निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रदूषण की सबसे खतरनाक अवधि 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक महा-प्रतिबंध लागू होगा। इस दौरान निर्माण सामग्री (रेत, बजरी, सीमेंट आदि) ले जाने वाले बाहरी वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं मिलेगा।

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    2. 50% का वर्क फ्रॉम होम जरूरी, किनको मिलेगा?

    1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली सरकार और निजी क्षेत्र के कार्यालयों में केवल 50 प्रतिशत कर्मचारी ही दफ्तर आएंगे। शेष कर्मचारी घर से काम करेंगे। स्वास्थ्य, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सेवाओं को इस नियम से छूट दी गई है।

    3.  अब कितना लगेगा पार्किंग चार्ज और नया समय क्‍या है?

    सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने के लिए पार्किंग शुल्क को दोगुना कर दिया जाएगा। मेट्रो पार्किंग इसमें शामिल नहीं है। नगर निगम के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे।

    4. बिना वैध PUC के नहीं मिलेगा ईंधन

    यह नियम पूरे साल लागू रहेगा। दिल्ली के किसी भी ईंधन पंप पर बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र (PUC) के पेट्रोल या गैस नहीं दी जाएगी। जांच डिजिटल डेटाबेस (एनपीआर और वाहन पोर्टल) के माध्यम से की जाएगी।

    5. दिल्‍ली में किन वाहनों की नहीं हो सकेगी एंट्री?

    1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-VI से नीचे वाले वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। सीएनजी, इलेक्ट्रिक और आपातकालीन वाहनों को छूट मिलेगी।

    6. एंटी-स्मॉग गन किनके लिए अनिवार्य?

    धूल नियंत्रण के लिए पहली बार कमर्शियल इंफ्रास्ट्रक्चर पर सख्त नियम बनाए गए हैं। 3,000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र वाले सभी कमर्शियल भवनों (मॉल, होटल, संस्थान आदि) में एंटी-स्मॉग गन या मिस्ट सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा। यह कार्य 15 अगस्त तक पूरा करना होगा। 1,000 वर्गमीटर से बड़े निर्माणाधीन प्लॉट पर भी मिस्ट सिस्टम अनिवार्य किया गया है।

    7. खुले में कचरा जलाया तो कौन होगा जिम्‍मेदार?

    सर्दियों में खुले में कचरा, सूखी पत्तियां या बायोमास जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), सोसायटियों और प्रबंधकीय संस्थानों को सीधे जिम्मेदार ठहराया जाएगा। संस्थाओं को अपने कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों के लिए स्वच्छ हीटिंग व्यवस्था (बिजली या स्वच्छ ईंधन) करनी होगी।

    8. दफ्तरों के कामकाज के समय में क्या हुआ बदलाव?

    1 नवंबर से 28 फरवरी तक सड़कों पर वाहनों की भीड़भाड़ और प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों एवं कार्यालयों के कामकाज के समय में बदलाव किया गया है। इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।

    • दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधीन कार्यालय: सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक
    • दिल्ली सरकार (GNCTD) के अधीन कार्यालय: सुबह 10:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक

    उल्लंघन पर पर क्‍या होगा?

    नियमों का उल्लंघन करने पर पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाया जाएगा। रात के समय निगरानी के लिए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि अस्पताल, फायर ब्रिगेड, जलापूर्ति और प्रदूषण नियंत्रण जैसी आवश्यक एवं आपातकालीन सेवाओं को इन सभी प्रतिबंधों से पूरी छूट दी गई है, ताकि आम जनता को असुविधा न हो।

    सरकार का यह स्थायी मास्टर प्लान दिल्ली की हवा को साफ करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। अधिकारियों ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इन नियमों का पालन करें और प्रदूषण मुक्त दिल्ली बनाने में अपना योगदान दें।

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