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दिल्ली SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट: मतदाताओं की बढ़ी उलझन, कहीं बूथ बदला तो कहीं सूची का इंतजार

Updated: Mon, 31 Aug 2026 07:39 PM (IST)

एसआईआर की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद दिल्ली में मतदाताओं को नाम तलाशने और बदले हुए मतदान केंद्रों ...और पढ़ें

दिल्ली में एसआईआर के तहत मतदाताओं की ड्राफ्ट सूची जारी कर दी गई।

दिल्ली में एसआईआर के तहत मतदाताओं की ड्राफ्ट सूची जारी कर दी गई।

HighLights

  1. ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी, नाम तलाशने में मतदाताओं को परेशानी।

  2. पुराने मतदान केंद्रों पर सूची अनुपलब्ध, बीएलओ भी नदारद मिले।

  3. कई मतदाताओं के पोलिंग स्टेशन बदले, परिवार भी बंटा।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। एसआईआर की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के साथ ही मतदाताओं में अपना और परिवार के सदस्यों का नाम तलाशने की उत्सुकता बढ़ गई। लोग सूची में नाम तलाशने के लिए सोमवार को बड़ी संख्या में पुराने मतदान केंद्रों पर पहुंचे।

उन्हें उम्मीद थी कि बूथ पर सूची की प्रति मिल जाएगी और नाम आसानी से तलाश लिया जाएगा, लेकिन मटिया महल समेत कई विधानसभा क्षेत्र केंद्रों पर सूची उपलब्ध नहीं थीं। कई बूथों पर बीएलओ के न होने से भी मतदाताओं को सही जानकारी नहीं मिल सकी। जिसके चलते पहले ही दिन लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।

एसआईआर के तहत मतदाताओं की ड्राफ्ट सूची जारी

सोमवार को चुनाव कार्यालय द्वारा एसआईआर के तहत मतदाताओं की ड्राफ्ट सूची जारी कर दी गई है। ऐसे में उसमें नाम देखने की चाह में कई मतदाता साइबर कैफे भी पहुंचे। ऐसे लोगों की संख्या अधिक रही, जिन्हें मोबाइल या कंप्यूटर पर इंटरनेट माध्यम से सूची में नाम तलाशने की प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी।

साइबर कैफे में परिवार के सदस्यों के नाम एक- एक कर खोजे गए। कई लोगों को अपना नाम तलाशने के साथ-साथ मतदान केंद्र की नई जानकारी भी जुटानी पड़ी। इससे यह साफ नजर आया कि आनलाइन व्यवस्था उपलब्ध होने के बावजूद हर मतदाता के लिए उसका इस्तेमाल करना आसान नहीं है।

कई मतदाताओं के पोलिंग स्टेशन बदल दिए गए 

दूसरी ओर, पुराने मतदान केंद्रों पर पहुंचने वाले मतदाताओं के सामने अलग ही परेशानी खड़ी हो गई। ड्राफ्ट सूची में कई मतदाताओं के पोलिंग स्टेशन बदल दिए गए हैं। वर्षों से जिस बूथ पर मतदान करते आए, वहां पहुंचने पर उन्हें नए मतदान केंद्र का पता लगाने के लिए लोगों से पूछताछ करनी पड़ी।

इसके बाद नए बूथ तक पहुंचकर दोबारा नाम तलाशने की कवायद करनी पड़ी। परिवार के सदस्यों के मतदान केंद्र अलग-अलग होने से परेशानी और बढ़ गई है। कई परिवारों में एक सदस्य का नाम पुराने क्षेत्र के बूथ से दूसरे मतदान केंद्र पर पहुंच गया, जबकि दूसरे सदस्य का बूथ अलग ही निर्धारित हो गया।

मटिया महल और आसपास के इलाकों में कई मतदाता सुबह से बूथों के चक्कर लगाते दिखाई दिए। कुछ लोग सूची आने की जानकारी लेने के लिए कर्मचारियों से पूछताछ करते रहे, तो कुछ ने मोबाइल नंबर से नाम खोजने का प्रयास किया।

ऑनलाइन सूची में नाम तलाशने की चुनौती

तकनीकी जानकारी के अभाव में कई मतदाताओं को दूसरों की मदद लेनी पड़ी। बुजुर्गों के लिए यह परेशानी और अधिक रही। उनके सामने एक तरफ ऑनलाइन सूची में नाम तलाशने की चुनौती थी तो दूसरी तरफ बदले हुए मतदान केंद्र तक पहुंचने की चिंता भी।

ड्राफ्ट सूची के साथ मतदाताओं को अपने नाम के साथ नए मतदान केंद्रों की जानकारी भी जांचनी पड़ी। लेकिन बूथों पर सूची उपलब्ध नहीं होने और आनलाइन प्रक्रिया की पर्याप्त जानकारी न होने से पहले दिन मतदाताओं में असमंजस की स्थिति बनी रही।

वह अपने परिवार के चार सदस्यों का नाम देखने पुराने पोलिंग बूथ पर पहुंचे थे। वहां सूची की प्रति उपलब्ध नहीं थी। आनलाइन नाम देखने की जानकारी भी नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्हें नाम देखने के लिए साइबर कैफे जाना पड़ा। - मोहम्मद इरफान, मटियामहल निवासी

वह अपना नाम देखने पुराने मतदान केंद्र पर पहुंचीं, लेकिन वहां पता चला कि उनका पोलिंग स्टेशन बदल चुका है। उन्होंने कहा कि पहले नए बूथ की जानकारी लेना और फिर वहां सूची में नाम तलाशना बुजुर्ग मतदाताओं के लिए काफी मुश्किल है।
- लज्जा देवी, मंडावली निवासी

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