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    दिल्ली में अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का अहम सदस्य गिरफ्तार, एनसीआर करोड़ों की हेरोइन का बड़ा सप्लायर

    By Mohammad SaqibEdited By: Kushagra Mishra
    Updated: Sat, 17 Jan 2026 01:09 PM (IST)

    दिल्ली क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट के अहम सदस्य निखिल को पालम कॉलोनी से गिरफ्तार किया है। वह एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में भगोड़ा था, ज ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का अहम सदस्य निखिल गिरफ्तार

    2. एनडीपीएस एक्ट मामले में भगोड़ा, 400 ग्राम हेरोइन से जुड़ा

    3. दिल्ली-एनसीआर में हेरोइन आपूर्ति करने वाले गिरोह का हिस्सा

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। क्राइम ब्रांच, दिल्ली पुलिस की WR-II यूनिट ने अंतरराज्यीय नशीले पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक सक्रिय ड्रग सिंडिकेट के अहम सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान निखिल के रूप में हुई है, जो पालम कॉलोनी इलाके का रहने वाला है। आरोपी एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में घोषित भगोड़ा था और लंबे समय से फरार चल रहा था।

    पुलिस के अनुसार, निखिल के खिलाफ थाना भलस्वा डेयरी में मामला दर्ज है। इस केस में पहले 400 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी, जिसकी सप्लाई का मुख्य स्रोत निखिल को बताया गया था। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1.60 करोड़ रुपये आंकी गई है। आरोपी मामले के पंजीकरण के बाद से ही गिरफ्तारी से बच रहा था।

    क्राइम ब्रांच WR-II को 16 जनवरी 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि वांछित आरोपी निखिल साध नगर, पालम कॉलोनी क्षेत्र में आने वाला है। सूचना के आधार पर एक विशेष टीम गठित की गई और तकनीकी निगरानी के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस की गई। सूचना की पुष्टि होने पर पुलिस टीम ने साध नगर इलाके में छापा मारकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    इस कार्रवाई का नेतृत्व निरीक्षक सतीश मलिक और एएसआई ओम ने किया। पूरी कार्रवाई एसीपी WR-II राजपाल डाबस की निगरानी में तथा डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदोरा, आईपीएस के निर्देशन में की गई। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन और 4,34,300 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि यह रकम नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी हुई है।

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    पुलिस जांच में सामने आया है कि निखिल का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसके खिलाफ वर्ष 2019 में एक्साइज एक्ट और आईपीसी की धाराओं के तहत थाना तिमारपुर में मामला दर्ज हुआ था। वर्ष 2020 में आईपीसी की धारा 188 के तहत भी उसके खिलाफ केस दर्ज है, जबकि वर्ष 2016 में थाना सागरपुर में आईपीसी की धारा 324/34 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

    पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह दिल्ली-एनसीआर में हेरोइन की खरीद और सप्लाई करने वाले एक संगठित गिरोह का हिस्सा है। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

    हेरोइन के मुख्य सप्लायर को पकड़कर राजधानी में नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है। पुलिस अब आरोपी से जुड़े अन्य नेटवर्क और सप्लाई चैन की कड़ियों की जांच कर रही है।

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