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    दिल्ली में ई-रिक्शा पर लगेगी लगाम, सरकार लाएगी नई पंजीकरण नीति; क्या है नया नियम?

    Updated: Sat, 21 Feb 2026 06:29 PM (IST)

    दिल्ली सरकार ई-रिक्शा के पंजीकरण और निगरानी के लिए नई नीति लाएगी, जिसमें अवैध रिक्शा भी शामिल होंगे। इसका उद्देश्य ड्राइवरों की आजीविका बचाना, यात्रिय ...और पढ़ें

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    स्टेट ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन और मॉनिटरिंग के लिए एक पॉलिसी लाएगी। इस पॉलिसी में गैर-कानूनी ई-रिक्शा भी शामिल होंगे। ऐसे ई-रिक्शा को भी रजिस्ट्रेशन का मौका दिया जाएगा। पॉलिसी फाइनल होने के बाद मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा।

    राजधानी में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या को देखते हुए दिल्ली सरकार अब सख्त रुख अपनाने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कई बार इस बारे में इशारा कर चुकी हैं। सरकार का मकसद ई-रिक्शा ड्राइवरों की रोजी-रोटी बचाना है, साथ ही यात्रियों और पैदल चलने वालों की सुरक्षा भी पक्की करना है।

    क्या होगा नया नियम?

    पॉलिसी में ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन, ड्राइवर रेगुलेशन, यात्रियों की सुरक्षा, पार्किंग व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे नियम शामिल हो सकते हैं। ई-रिक्शा का सिस्टमैटिक ऑपरेशन पक्का करने के लिए इन नियमों को लागू किया जाएगा। इस महीने के आखिर तक ई-रिक्शा के रेगुलराइजेशन की पॉलिसी को लेकर एक मीटिंग होने की उम्मीद है।

    पॉलिसी का ड्राफ्ट बनाते समय RWA, ई-रिक्शा ऑपरेटर, नागरिकों, ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों और ट्रैफिक पुलिस समेत अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स से राय ली जाएगी।

    ध्यान देने वाली बात है कि पिछली जनवरी तक दिल्ली में 204,131 ई-रिक्शा रजिस्टर्ड थे, लेकिन कुल संख्या इससे कहीं ज़्यादा होने का अनुमान है। गैर-कानूनी या बिना रजिस्ट्रेशन वाले ई-रिक्शा की संख्या एक लाख से ज्यादा है। दिल्ली में 236 सड़कों पर ई-रिक्शा चलाने पर रोक है।

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    ट्रैफिक पुलिस और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट अक्सर गैर-कानूनी ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई करते हैं, और उन्हें स्क्रैप करने का भी नियम बनाया गया है। ई-रिक्शा की स्पीड 25 km/h से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए और उसमें ड्राइवर समेत पांच लोग बैठ सकते हैं। सुरक्षा और ट्रैफिक जाम की चिंताओं के कारण, दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें रेगुलेट करने पर ध्यान दिया है, क्योंकि गैर-कानूनी ई-रिक्शा एक्सीडेंट का कारण बन रहे हैं।

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