दिल्ली में फुटपाथों पर बने EV चार्जिंग स्टेशन बने मुसीबत, पैदल यात्रियों और ट्रैफिक पर बढ़ा दबाव
राजधानी दिल्ली में तेजी से बन रहे ईवी चार्जिंग स्टेशन अब सड़क और फुटपाथ पर अवरोध बन रहे हैं, जिससे पैदल यात्रियों और यातायात दोनों को परेशानी हो रही ह ...और पढ़ें

वेलकम के बस स्टैंड के पास फुटपाथ पर स्थित चार्जिंग पाइंट से सड़क पर खड़े होकर चार्ज होते वाहन । जागरण
HighLights
ईवी चार्जिंग स्टेशन फुटपाथ और सड़कों पर अवरोध।
पैदल यात्री सड़क पर चलने को मजबूर, दुर्घटना का खतरा।
उचित स्थान पर स्थापना हेतु विशेषज्ञ सुझाव महत्वपूर्ण।
सौरभ पांडेय, पूर्वी दिल्ली। राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए तेजी से ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं, लेकिन इनकी खराब लोकेशन अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है।
पूर्वी, दक्षिणी, पश्चिमी, मध्य और बाहरी दिल्ली के कई इलाकों में सड़क और फुटपाथ पहले ही अतिक्रमण का शिकार हैं, लेकिन अब इनपर बने ये चार्जिंग स्टेशन पैदल यात्रियों और यातायात दोनों के लिए बाधा बन रहे हैं। पार्किंग पर हो रहे इस प्रकार के कब्जों को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी चिंता जता चुका है।
आंखें मूंदे बैठा है प्रशासन
दैनिक जागरण पैदल चलने वालों के रास्ते पर आ रही इस परेशानी का मुद्दा कई बार उठा चुका है। हालांकि प्रशासन अभी भी आंखें मूंदे बैठा है। मामले में पीडब्ल्यूडी मंत्री के कार्यालय को कई बार फोन और मैसेज के जरिये संपर्क किया गया लेकिन मंत्री की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
राजधानी में केंद्र सरकार के पीएम ई-ड्राइव योजना के जरिये ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया जा रहा है। वर्तमान में लगभग नौ हजार चार्जिंग प्वाइंट हैं, जबकि जरूरत 36,177 तक होनी चाहिए।

सरकार का लक्ष्य दिसंबर तक चार्जिंग प्वाइंट की संख्या 16,070 तक पहुंचाने का है लेकिन चार्जिंग प्वाइंट लोगों के लिए असुविधा बनते जा रहे हैं।
पूर्वी दिल्ली के वेलकम, शाहदरा, आइपी एक्सटेंशन और मयूर विहार जैसे इलाकों में चार्जिंग के दौरान खड़े वाहन सड़क का हिस्सा घेर लेते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनती है। वहीं, फुटपाथ पर बने स्टेशन पैदल चलने वालों के लिए मुश्किल खड़ी कर रहे हैं।
सड़क पर चलने को मजबूर लोग
लोगों को मजबूरन सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। दक्षिणी दिल्ली के अधचिनी और सुखदेव विहार में स्थिति और भी गंभीर है। यहां फुटपाथ पर चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग सेंटर बनाए जाने से लोगों का बैंक, एटीएम या अस्पताल तक पैदल जाना भी कठिन हो गया है।
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स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिना योजना के लगाए गए इन स्टेशनों के कारण सड़कें संकरी हो गई हैं और ट्रैफिक अव्यवस्थित हो रहा है। बाहरी दिल्ली के रोहिणी और रिंग रोड क्षेत्रों में भी फुटपाथ पर बने चार्जिंग स्टेशन जाम का कारण बन रहे हैं।

कांवड़ यात्रा के दौरान इन रास्तों पर बढ़ी भीड़ के बीच यह समस्या और गंभीर हो गई है। उधर, नारायणा, मायापुरी, जनकपुरी, रमेश नगर सहित कई इलाकों में फुटपाथ पर चार्ज हो रही गाड़ियों का कब्जा नजर आता है।
लोगों का कहना है कि फुटपाथ का इस्तेमाल केवल राहगीरों के लिए होना चाहिए, लेकिन इस पर चार्जिंग स्टेशन बनाकर राहगीरों के मौलिक अधिकार का हनन हो रहा है।
विशेषज्ञ बोले, सरकार को पैदल यात्रियों का भी रखना चाहिए ध्यान
दिल्ली पुलिस के सेवानिवृत्त एसीपी वीरेंद्र पुंज का कहना है कि ईवी चार्जिंग नेटवर्क जरूरी है, लेकिन इसकी स्थापना के लिए उचित स्थान और ट्रैफिक व्यवस्था का ध्यान रखना अनिवार्य है। राजधानी के कई इलाकों में फुटपाथों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं।

इससे पैदल चलने वालों की जगह खत्म हो रही है और उन्हें सड़क पर उतरना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ रहा है। सरकार को पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और फुटपाथ से सभी प्रकार के कब्जे हटाए जाने चाहिए।
इन स्थानों पर लगने चाहिए चार्जिंग स्टेशन
पूर्व मेयर श्याम सुंदर अग्रवाल का कहना है कि चार्जिंग स्टेशन जरूरी हैं, लेकिन उनकी लोकेशन तय करते समय ट्रैफिक, पार्किंग और पैदल यात्रियों की सुविधा का ध्यान नहीं रखा गया। सही योजना के बिना यह सुविधा लोगों के लिए परेशानी बनती जा रही है।
ईवी चार्जिंग स्टेशन को मल्टीलेवल पार्किंग, माल और बाजारों की निर्धारित पार्किंग, पेट्रोल पंप, बस डिपो और खाली सरकारी जमीन जैसे स्थानों पर ही स्थापित किया जाना चाहिए। इससे सड़क और फुटपाथ पर दबाव कम होगा और यातायात भी प्रभावित नहीं होगा।