मंत्री प्रवेश वर्मा ने रखी सिंचाई विभाग के नए मॉनिटरिंग सेंटर की आधारशिला, बाढ़ प्रबंधन होगा मजबूत
मंत्री प्रवेश वर्मा ने शास्त्री नगर में सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के मॉनिटरिंग सेंटर भवन की आधारशिला रखी। ₹355 लाख की लागत से बन रहा यह केंद्र 15 ...और पढ़ें
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मंत्री प्रवेश वर्मा ने शास्त्री नगर में सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के मॉनिटरिंग सेंटर भवन की आधारशिला रखी। इमेज एआई जेनरेटेड
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। शास्त्री नगर स्थित सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यालय में मंत्री प्रवेश वर्मा ने उस भवन की आधारशिला रखी, जिसमें मॉनिटरिंग सेंटर (निगरानी केंद्र) बनाया जाएगा। इस भवन का निर्माण ₹355 लाख की लागत से किया जा रहा है। उम्मीद है कि निर्माण कार्य 15 जून तक पूरा हो जाएगा।
मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि मॉनसून के मौसम में, सिंचाई विभाग के इंजीनियर और फील्ड टीमें नदियों के जल स्तर, जल निकासी प्रणालियों और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी के लिए चौबीसों घंटे काम करती हैं। ऐसे मॉनिटरिंग सेंटर की स्थापना से विभाग के भीतर आपसी तालमेल और भी बेहतर होगा।
इससे जरूरत पड़ने पर निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेज़ी आएगी। बाढ़ प्रबंधन में तैयारी और समय पर तालमेल की अहम भूमिका होती है। सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है: बेहतर निगरानी, बेहतर तालमेल और त्वरित प्रतिक्रिया।
मॉनिटरिंग सेंटर भवन के भूतल पर एक मुख्य बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा; यहाँ से यमुना नदी के जल स्तर की निगरानी की जाएगी, विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त फील्ड रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी और बाढ़ से जुड़ी आपात स्थितियों के दौरान त्वरित तालमेल सुनिश्चित किया जाएगा। पहली मंज़िल पर लगभग 50 लोगों की बैठने की क्षमता वाला एक कॉन्फ्रेंस हॉल बनाया जाएगा, जहां अधिकारी, इंजीनियर और फील्ड टीमें महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकें और रणनीतिक चर्चाएँ करेंगी।
मॉनसून के मौसम में, यह केंद्र एक "नर्व सेंटर" (मुख्य नियंत्रण केंद्र) के रूप में कार्य करेगा, जिससे अधिकारी और इंजीनियर वास्तविक समय (real-time) में स्थिति की समीक्षा कर सकेंगे और फील्ड में कार्यरत टीमों को आवश्यक निर्देश जारी कर सकेंगे।