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    पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि होने से घर पर सामान और खाना मंगाना हो सकता है महंगा

    Updated: Mon, 18 May 2026 12:27 AM (IST)

    पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में वृद्धि से आम उपभोक्ताओं पर असर पड़ने की आशंका है। माल ढुलाई, कैब सेवाओं और ई-कॉमर्स डिलीवरी महंगी हो सकती है, जि ...और पढ़ें

    पेट्राेल, डीजल व सीएनजी में मूल्य वृद्धि का असर आम आदमी पर। (एआई से निर्मित ग्राफिक्स)

    पेट्राेल, डीजल व सीएनजी में मूल्य वृद्धि का असर आम आदमी पर। (एआई से निर्मित ग्राफिक्स)

    HighLights

    1. माल ढुलाई में 10% की वृद्धि, कैब सेवाएं भी महंगी।

    2. गिग वर्कर हैंडलिंग शुल्क में 20% वृद्धि की मांग कर रहे।

    3. ई-कॉमर्स, फूड डिलीवरी जल्द हो सकती है महंगी।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। पेट्राेल, डीजल व सीएनजी में मूल्य वृद्धि की तपिश आम उपभोक्ताओं तक पहुंचने की आशंका सताने लगी है। डीजल का दाम बढ़ने के बाद से ट्रांसपोर्टरों ने माल ढुलाई में औसतन 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की है। इसी तरह, एप बेस्ड कैब सेवाओं का किराया भी बढ़ गया है। जबकि, एप बेस्ड गिग वर्करों ने प्रति आर्डर हैंडलिंग शुल्क में न्यूनतम 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की मांग के साथ आंदोलन शुरू कर दिया है।

    मामले के जानकारों के अनुसार, इस दिशा में ई-कामर्स व क्विक कामर्स कंपनियां दबाव में है और जल्द हैंडलिंग शुल्क में बढ़ोत्तरी कर सकती है, जिससे घर पर सामान और भोज्य पदार्थ मंगाना महंगा हो सकता है। इस क्रम में ऑटो व टैक्सी संगठनों ने भी किराया बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर दिल्ली सरकार की घेराबंदी तेज कर दी है।

    दिल्ली के थोक बाजारों में खरीदारों की संख्या में कमी

    वैसे, ढुलाई लागत बढ़ने का असर वर्तमान में बाजार में अपेक्षाकृत कम है। उसकी बड़ी वजह दिल्ली के थोक बाजारों में खरीदारों की संख्या में कमी का होना है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह इसलिए कि युद्ध के चलते जटिल वैश्विक हालात में उपभोक्ता सतर्क हैं और वह जरूरी सामानों की ही खरीदारी कर रहे हैं।

    फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन (फेस्टा) के महासचिव राजेंद्र शर्मा के अनुसार, औसत दिनों की तुलना में फिल वक्त ग्राहकाें की संख्या में 20 प्रतिशत की कमी है। इसके पीछे तेज गर्मी के साथ युद्ध को लेकर अनिश्चितता भी बड़ा कारण है।

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    वह कहते हैं कि बाजार में सामानों के दाम में तेजी का असर कुछ माह में दिखेगा। जब कंपनियों की ओर से उसमें वृद्धि की जाएगी। बहरहाल, माल ढुलाई में वृद्धि दुकानदार खुद से वहन कर रहे हैं। उसका बोझ ग्राहकों पर डालने से बच रहे हैं।

    ईंधन मूल्य में वृद्धि के बाद माल ढुलाई के किराये में वृद्धि आवश्यक

    ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने कहा कि ईंधन मूल्य में वृद्धि के बाद माल ढुलाई के किराये में वृद्धि आवश्यक हो गया है। फिर भी यह वृद्धि मात्र 10 प्रतिशत है, जबकि ढुलाई की कुल लागत में अकेले 60 प्रतिशत का खर्च डीजल का होता है।

    इस बीच, दिल्ली आटो रिक्शा संघ व दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन के महामंत्री राजेंद्र सोनी ने सीएनजी दर में बढ़ोत्तरी के मद्देनजर आटो-टैक्सी किराये में बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर दिल्ली सरकार को पत्र लिखा है। कहा कि पिछले एक से डेढ़ वर्ष में सीएनजी की कीमत में पांच रुपये किलो की वृद्धि हो चुकी है। जबकि, किराया यथावत है।

    गिग एंड प्लेटफार्म सर्विस वर्कर्स यूनियन के राष्ट्रीय संयोजक निर्मल गोराना ने बताया कि शनिवार को गिग वर्कर हड़ताल पर रहे। जिससे 60 प्रतिशत काम प्रभावित हुआ। अगर ई-कामर्स व फूड डिलीवरी कंपनियों ने यथोचित प्रति आर्डर हैडलिंग चार्ज में बढ़ोत्तरी नहीं करती तो आंदोलन तेज होगा।

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