मकान मालिक को फंसाने के लिए खुद के पैर में मारी गोली, दिल्ली पुलिस ने किया साजिश का खुलासा
प्रॉपर्टी विवाद में एक शख्स ने मकान मालिक को फंसाने और मोटी रकम ऐंठने के लिए खुद को गोली मार ली। दिल्ली पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर इस ...और पढ़ें
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मकान मालिक को फंसाने के लिए खुद के पैर में मारी गोली।
HighLights
प्रॉपर्टी विवाद में खुद को मारी गोली।
मकान मालिक को फंसाने की थी साजिश।
दिल्ली पुलिस ने तीन आरोपी किए गिरफ्तार।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। प्रॉपर्टी विवाद में मकान मालिक को जेल भिजवाने और उनसे मोटी रकम ऐंठने के लिए एक शख्स ने खुद पर ही अपने ऊपर जानलेवा हमला करवाने का नाटक किया था। मामले को हकीकत का रूप देने के लिए आरोपित ने सोनीपत के अपने दोस्तों के साथ मिलकर खुद की जांघ में गोली मार ली और पुलिस के सामने मकान मालिक पर शक जता दिया।
हालांकि, दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी और 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ने इस पूरी खूनी साजिश का भंडाफोड़ कर दिया। उत्तरी जिला पुलिस ने शिकायतकर्ता समेत तीन आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।
डीसीपी उत्तरी जिला राजा बांठिया के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपितों के नाम अविनाश कुमार, चांदनी चौक का रहने वाला है और मुख्य साजिशकर्ता है। दीपक कुमार (शिव कॉलोनी, सोनीपत) और लोकेश दहिया (गांव गढ़ी बाला, कुंडली, सोनीपत) का रहने वाला है।
पुलिस ने इनके पास से वारदात में इस्तेमाल एक पिस्टल, दो मैगजीन, 14 कारतूस और एक स्कार्पियो गाड़ी बरामद की है।
उत्तरी जिला डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि 10 मई की रात कूचा बुलाकी बेगम, साइकिल मार्केट, चांदनी चौक के रहने वाले अविनाश कुमार ने पीसीआर काल कर खुद को गोली लगने की सूचना दी थी।
अविनाश ने पुलिस को बताया कि वह अपने घर पर था, तभी एक अनजान युवक पिस्टल लेकर अंदर घुसा, उसे धमकी दी और पैर में गोली मारकर फरार हो गया। गोली अविनाश की जांघ में लगी थी। मौके पर पहुंची पुलिस को घटनास्थल से दो खाली खोखे मिले। पुलिस ने तुरंत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
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सीसीटीवी और सफेद स्कार्पियो ने खोला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ एंटी आटो थेफ्ट स्क्वाड (एएटीएस) को भी तफ्तीश में लगाया गया। पुलिस टीम ने इलाके के करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच करते हुए पुलिस आईएसबीटी कश्मीरी गेट तक पहुंची, जहां एक संदिग्ध सफेद रंग की स्कार्पियो गाड़ी दिखाई दी।
इस कार में दो लोग सवार थे। कार के रजिस्ट्रेशन नंबर के जरिए पुलिस आरोपितों तक पहुंच गई और 15 मई की सुबह सोनीपत से दीपक और लोकेश को दबोच लिया। सख्ती से पूछताछ में दोनों ने जो सच उगला, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया।
मकान मालिक से मोटी रकम वसूलने की थी जिद
पूछताछ से पता चला कि अविनाश जिस मकान में रह रहा था, उसका मकान मालिक से काफी समय से खाली करने को लेकर विवाद चल रहा था। यह मामला कोर्ट में भी विचाराधीन है। अविनाश किसी भी कीमत पर मकान खाली नहीं करना चाहता था। उसने दिमाग लगाया कि अगर मकान मालिक को किसी संगीन जुर्म में फंसा दिया जाए, तो वह डरकर समझौते के नाम पर मोटी रकम दे देगा।
इसी लालच में उसने दीपक और लोकेश को पैसों का ऑफर देकर अपनी साजिश में शामिल किया। साजिश के तहत 10 मई की रात दीपक अपनी स्कार्पियो गाड़ी से लोकेश के साथ कश्मीरी गेट पहुंचा। वहां दीपक ने लोकेश को पिस्टल दी। लोकेश आटो पकड़कर चांदनी चौक में अविनाश के घर पहुंचा। घर के अंदर जाने के बाद लोकेश ने वह पिस्टल अविनाश को सौंप दी।
इसके बाद अविनाश ने खुद ही अपने पैर पर दो गोलियां चलाईं ताकि मामला पूरी तरह असली लगे। वारदात के बाद आरोपी हथियार लेकर फरार हो गए, लेकिन पुलिस की पैनी नजरों से नहीं बच सके। पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।