दिल्ली सरकार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: पांच साल से एक ही स्थान पर कार्यरत 52 अधिकारियों का तबादला
दिल्ली सरकार ने वित्त एवं लेखा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। पांच साल से एक ही स्थान पर कार्यरत 52 अधि ...और पढ़ें

दिल्ली सरकार में कार्यरत 52 अधिकारियों का तबादला। (AI Generated Image)
HighLights
दिल्ली सरकार ने वित्त एवं लेखा विभाग में फेरबदल किया।
पांच साल से कार्यरत 52 अधिकारियों का तत्काल तबादला हुआ।
पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय प्रबंधन मजबूत करने का उद्देश्य।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से वित्त एवं लेखा विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया है। सरकार ने स्थानांतरण एवं पदस्थापन नीति के तहत पांच वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर कार्यरत 52 अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया है।
इनमें 23 डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स (डीसीए) और 29 वरिष्ठ लेखाधिकारी (सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर) शामिल हैं। साथ ही 19 वरिष्ठ लेखा अधिकारियों को पदोन्नत कर डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स बनाया गया है।
तत्काल प्रभाव से नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार संभालने के निर्देश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर किए गए इस फेरबदल का उद्देश्य विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और परिणामोन्मुख बनाना बताया गया है। सरकार का कहना है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती से बचने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार संभालने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
सरकार के अनुसार विभिन्न विभागों में कार्यरत 19 वरिष्ठ लेखा अधिकारियों को उनकी सेवाओं के आधार पर पदोन्नति देकर अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं 23 डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स और 29 वरिष्ठ लेखा अधिकारियों को नई तैनाती देकर वित्तीय निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है।
लापरवाही, शिथिलता और भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो पारदर्शिता, जवाबदेही, दक्षता और सुशासन के उच्च मानकों पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि शासन व्यवस्था में लापरवाही, शिथिलता और भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है।
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प्रभावी वित्तीय प्रबंधन और समयबद्ध निर्णयों से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी तथा जनता को अधिक पारदर्शी और कुशल सेवाएं मिल सकेंगी। गौरतलब है कि भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर इससे पहले बिक्री एंव कर विभाग और स्वास्थ्य विभाग में भी बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं।