दिल्ली में 12 साल के मासूम की मौत पर HC सख्त, गैरकानूनी बाड़ में छोड़ा था करंट; जमानत याचिका खारिज
दिल्ली हाई कोर्ट ने बिजली वाली बाड़ के संपर्क में आने से 12 साल के बच्चे की मौत के मामले ...और पढ़ें

दिल्ली हाई कोर्ट का जमानत देने से इनकार। फोटै: आर्काइव
HighLights
दिल्ली हाई कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज की।
बिजली वाली बाड़ से 12 साल के बच्चे की मौत हुई थी।
बिना मंजूरी बिजली कनेक्शन देना खतरनाक कृत्य माना गया।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जमीन के टुकड़े पर लगाई गई बिजली वाली बाड़ के संपर्क में आने से 12 साल के बच्चे की मौत के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने एक व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया।
जमानत याचिका खारिज करते हुए न्यायमूर्ति गिरीश कथपालिया की पीठ ने कहा कि बिजली अधिकारियों से मंजूरी लिए बिना बाड़ में बिजली का कनेक्शन दिया गया था।
बिना मंजूरी बाड़ में दिया बिजली कनेक्शन
पीठ ने कहा कि बिजली वाली बाड़ लगाना बेहद खतरनाक कृत्य था। आरोपित यह कहकर जिम्मेदारी से इनकार नहीं कर सकता कि उसे पता नहीं था कि बाड़ के संपर्क में आने वाले किसी व्यक्ति की मौत हो सकती है।
करण सिंह पर गैरकानूनी बाड़ का आरोप
अभियोजन पक्ष ने जमानत याचिका का विरोध किया। उसका कहना था कि आरोपित करण सिंह ने जमीन पर गैर-कानूनी तरीके से बिजली वाली बाड़ लगाई थी। अभियोजन के अनुसार, बाड़ में 220 से 225 वोल्ट का करंट था।
करंट की चपेट में आया था बच्चा
अभियोजन के अनुसार, जमीन पर लगाई गई बिजली वाली बाड़ के संपर्क में आने के बाद 12 वर्षीय बच्चे की मौत हुई थी। इसी मामले में आरोपित ने जमानत के लिए हाई कोर्ट का रुख किया था, जिसे पीठ ने खारिज कर दिया।
