बार-बार सुनवाई टालने की मांग पर दिल्ली HC ने NGO पर लगाया 20 हजार का जुर्माना
दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रधानमंत्री मोदी पर बनी बीबीसी डॉक्यूमेंट्री को लेकर दायर मानहानि मामले में सुनवाई टालने की मांग ...और पढ़ें

HighLights
दिल्ली हाई कोर्ट ने एनजीओ पर 20 हजार का जुर्माना लगाया।
बीबीसी डॉक्यूमेंट्री मानहानि मामले में सुनवाई टालने पर कार्रवाई।
अगली सुनवाई 19 अगस्त को निर्धारित की गई है।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। ब्रिटिश ब्राडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (बीबीसी) के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर बनी डाक्यूमेंट्री को लेकर दायर मानहानि के मुकदमे में बार-बार सुनवाई टालने की मांग करने पर दिल्ली हाई कोर्ट ने गैर सरकारी संगठन जस्टिस आन ट्रायल पर 20 हजार का जुर्माना लगाया है।
न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा की पीठ ने कहा कि दिसंबर 2025 में आखिरी मौका दिए जाने के बावजूद एनजीओ ने एक बार फिर अपने अधिवक्ता के व्यस्त होने का हवाला देते हुए सुनवाई टालने की मांग की। एनजीटी ने बीबीसी के खिलाफ 10000 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया था। एनजीओ ने कहा था कि यह डाक्यूमेंट्री भारत की प्रतिष्ठा पर धब्बा लगाती है।
जनवरी 2023 में रिलीज हुई थी बीबीसी की डाक्यूमेंट्री
एनजीओ की याचिका पर मई माह में बीबीसी को नोटिस जारी किया था। एनजीओ की तरफ से बुधवार को अदालत के समक्ष पेश हुए अधिवक्ता ने कहा कि उनके मुवक्किल मुद्दे पर बहस करने के लिए एक वकील नियुक्त कर रहा है।'
अदालत ने रिकॉर्ड पर लिया कि याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं, इस पहलू पर 24 जुलाई 2024 को अदालत ने एक आदेश पारित किया था। इसके बाद से वादी ने समय-समय पर सुनवाई के लिए कई तारीखें ली हैं। मामले पर सुनवाई के लिए एक बार फिर समय मांगा है।
उक्त तथ्यों को देखते हुए याचिकाकर्ता पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। साथ ही अदालत ने मामले की सुनवाई 19 अगस्त के लिए सूचीबद्ध कर दी। बीबीसी की डाक्यूमेंट्री जनवरी 2023 में रिलीज हुई थी। हालांकि, केंद्र सरकार ने इसके प्रसारण पर रोक लगा दी थी।
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