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    'शादीशुदा लिव-इन कपल को भी निजी स्वतंत्रता का अधिकार', दिल्ली हाई कोर्ट का अहम फैसला 

    Updated: Wed, 08 Apr 2026 07:00 PM (IST)

    दिल्ली हाई कोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे एक जोड़े को पुलिस सुरक्षा प्रदान की है। कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत जीवन और निजी स्व ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- AI Generated

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    विनीत त्रिपाठी, नई दिल्ली। लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे एक जोड़े को पुलिस सुरक्षा देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत जीवन और निजी स्वतंत्रता के अधिकार से सिर्फ इसलिए वंचित नहीं किया जा सकता, क्योंकि वे पहले से ही किसी और से शादीशुदा हैं।

    न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी की पीठ ने टिप्पणी की कि याचिकाकर्ता दोनों ही भारतीय नागरिक हैं और संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के तहत दिए गए मौलिक अधिकारों के रूप में उपलब्ध सुरक्षा के पूरी तरह हकदार हैं, भले ही याचिकाकर्ता शादीशुदा हों, अविवाहित हों या लिव-इन रिलेशनशिप में हों।

    महिला व उसके पार्टनर ने दायर की थी याचिका

    याचिका में कहा गया था कि महिला को उसके स्वजन व उसके पति से धमकी मिल रही है। महिला ने धमकियों व उत्पीड़न पर सुरक्षा की मांग की थी। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि साथ रहने का फैसला करने के बाद से उन्हें लगातार उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें अपनी सुरक्षा का डर सता रहा है।

    याचिका के अनुसार महिला को 2016 से ही उसके पति द्वारा अपमान और यातना का शिकार बनाया जा रहा था। इसके बाद फरवरी 2026 से उसने याचिकाकर्ता नंबर-के साथ हैदराबाद में लिव-इन रिलेशनशिप में रहना शुरू कर दिया। हालांकि, अपने परिवार से मिली धमकियों और स्थानीय पुलिस के हस्तक्षेप के कारण दोनों दिल्ली आ गए। दोनों ने अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की।

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    कोर्ट ने और क्या कहा?

    अदालत ने कहा कि याचिककार्ताओं की स्वतंत्रता का अधिकार या जीवन और निजी स्वतंत्रता का अधिकार इस कोर्ट से सुरक्षा पाने का हकदार है। अदालत ने कहा कि दोनों याचिकाकर्ता बालिग हैं और उन्होंने पर्याप्त सुरक्षा के लिए इस कोर्ट का रुख किया है।

    दोनों याचिककार्ताओं के रिश्ते की कानूनी वैधता या उनके बीच हुए आपसी समझौते की बारीकियों में जाए बिना अदालत ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता जब भी जरूरत हो संबंधित थाना एसएचओ से संपर्क कर सकते हैं और पुलिस उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।

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