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    मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण योजना: माता-पिता को लाभ देने की मांग खारिज, हाईकोर्ट ने जनहित याचिका ठुकराई

    Updated: Wed, 14 Jan 2026 06:48 PM (IST)

    दिल्ली हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण योजना के तहत वकीलों के माता-पिता को भी लाभ देने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक तस्वीर।

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    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण योजना के फायदे योग्य वकीलों के माता-पिता तक बढ़ाने की मांग वाली जनहित याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने ठुकरा दिया। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने कहा कि इस मामले में आदेश जारी नहीं किया जा सकता। अदालत ने इसके साथ ही फर्स्ट जेनरेशन लाॅयर्स एसोसिएशन द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया। इसमें योजना के तहत परिवार की परिभाषा में माता-पिता को शामिल न करने का मुद्दा उठाया गया था।

    क्या-क्या मिलती हैं सुविधाएं?

    एसोसिएशन की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता रुद्र विक्रम सिंह ने कहा कि योजना के नियम-तीन के अनुसार स्वजन के बजाय सिर्फ योग्य वकीलों के पति या पत्नी और बच्चे ही योजना का फायदा उठा सकते हैं। इस योजना के तहत अधिवक्ताओं को 10 लाख रुपये का टर्म लाइफ कवर मिलता है। साथ ही अधिवक्ता, उनकी पत्नी, 25 साल तक के दो बच्चे को पांच लाख रुपये का मेडिकल इंश्योरेंस भी देती है।

    छूट देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया

    हालांकि, अदालत ने कहा कि यह सरकार और इंश्योरेंस कंपनी के बीच एक समझौता है। साथ ही, याची से पूछा कि दो पक्षों के बीच हुए समझौते में कोई प्रविधान रखने के लिए निर्देश देते हुए आदेश जारी किया जा सकता है? वहीं, दिल्ली सरकार के अधिवक्ता समीर वशिष्ठ ने कोर्ट को बताया कि जैसा आदेश मांगा गया है, उसे जारी नहीं किया जा सकता।

    साथ ही, इस मामले में कई रुकावटें हैं क्योंकि माता-पिता को इंश्योरेंस फायदे देने वाली नीतियां अलग हैं। अदालत का रुख देखते हुए याची ने मामले में दिल्ली सरकार के समक्ष एक प्रतिवेदन देने की छूट मांगते हुए याचिका वापस लेने का अनुरोध किया। अदालत ने उक्त छूट देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।

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