विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

आतंकी साजिश में बंद यूक्रेनियों की गुहार, ई-मुलाकात पर रोक को दी चुनौती; दिल्ली HC ने तिहाड़ जेल से मांगा जवाब

Published: Wed, 02 Sep 2026 09:16 PM (IST)

दिल्ली हाई कोर्ट ने तिहाड़ जेल में बंद छह यूक्रेनी नागरिकों की ई-मुलाकात सुविधा न मिलने संबंधी याचिका पर जेल प्रशासन से जवाब मांगा है।

आंतकी साजिश में बंद यूक्रेनी नागरिकों की दिल्ली हाई कोर्ट से गुहार। फोटो: आर्काइव

आंतकी साजिश में बंद यूक्रेनी नागरिकों की दिल्ली हाई कोर्ट से गुहार। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. छह यूक्रेनियों ने ई-मुलाकात सुविधा के लिए याचिका दायर की

  2. दिल्ली हाई कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन से जवाब मांगा है

  3. आतंकी मामले में गिरफ्तार, परिवार से मिलने पर रोक को चुनौती

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। अपने परिवार के सदस्यों के साथ ई-मुलाकात (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) की सुविधा न मिलने से परेशान छह यूक्रेनी नागरिकों की संयुक्त याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को जेल प्रशासन से जवाब मांगा है।

आतंकी मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किए गए यूक्रेनी नागरिक तिहाड़ जेल में बंद हैं। यूक्रेनी नागरिकों ने देश के खिलाफ आतंकवादी अपराधों में गिरफ्तार विदेशियों को परिवार के साथ ई-मुलाकात करने से रोकने संबंधी वर्ष 2022 के आदेश को चुनौती दी है।

न्यायमूर्ति नवीन चावला व न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की डिवीजन बेंच ने जेल प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 21 सितंबर के लिए तय कर दी।

2022 के आदेश को असंवैधानिक घोषित करने की मांग

याचिकाकर्ता हुरबा पेट्रो और अन्य लोगों ने 26 दिसंबर 2022 के आदेश को संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन (अल्ट्रा वायर्स) बताते हुए अमान्य और अप्रभावी घोषित करने की मांग की है।

याचिका में यह तर्क दिया गया है कि विदेशी कैदियों को विशेष रूप से ई-मुलाकात की सुविधा से वंचित करना भारत के संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत मानवीय गरिमा के मूल अधिकार के खिलाफ है।

'परिवार से बात मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी'

इसमें यह भी कहा गया है कि परिवार के साथ बातचीत करने का अधिकार कैदी की गरिमा, मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। यह भी कहा गया कि न्यायिक हिरासत में 130 दिनों से अधिक समय बीतने के बावजूद, जेल प्रशासन ने परिवार के किसी भी सदस्य के साथ बातचीत की कोई सुविधा या अनुमति नहीं दी है।

अप्रैल में यूएपीए मामले में हुई थी गिरफ्तारी

यूक्रेनी नागरिकों को एनआईए ने अप्रैल 2026 में गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधानों के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार किया था। यूक्रेनी नागरिकों की डिफाॅल्ट जमानत याचिका एक अन्य पीठ ने 31 अगस्त को खारिज कर दिया था।

यह भी पढ़ें- दिल्ली SIR में बड़ा उलटफेर, झुग्गी-झोपड़ी से ज्यादा पॉश इलाकों से कटे वोट; टॉप पर रहा आरके पुरम 

यह भी पढ़ें- जटायु, उल्लू और भालू के लिए दुल्हन की तलाश, दिल्ली के चिड़ियाघर से आई अनोखी डिमांड