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    राहुल गांधी और अखिलेश यादव को जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से मिली राहत, कार्यवाही पर रोक

    Updated: Mon, 23 Mar 2026 08:40 PM (IST)

    दिल्ली हाई कोर्ट ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य के खिलाफ जंतर-मंतर पर 6 फरवरी को हुए विरोध प्रदर्शन मामले में जांच और ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही प ...और पढ़ें

    दिल्ली हाई कोर्ट ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य के खिलाफ जांच और ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। फाइल फोटो

    दिल्ली हाई कोर्ट ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य के खिलाफ जांच और ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के खिलाफ छह फरवरी को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के मामले दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और अन्य के खिलाफ आगे की जांच और ट्रायल कोर्ट की कार्रवाई पर रोक लगा दी।

    तमिलनाडु के विधायक और डीएमके छात्र संगठन के सचिव सीवी एम पी एझिलारसन की याचिका पर न्यायमूर्ति अनुप जयराम भंभानी की पीठ ने उक्त आदेश दिया।

    मामले पर सुनवाई के बाद पीठ ने कहा कि मामले के प्रथम दृष्टया अवलोकन के आधार पर मामले में हुई प्राथमिकी में आगे की जांच और ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही अगली सुनवाई की तारीख तक स्थगित रहेगी। कोर्ट ने याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले में अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी।

    याचिका के अनुसार छह फरवरी को डीएमके ने पचास सांसदों और सैकड़ों छात्रों के साथ विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था। याचिका में कहा गया कि दिल्ली पुलिस आयुक्त ने उन्हें मौखिक अनुमति दी थी और पुलिस को आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए थे। इसलिए, उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि विरोध प्रदर्शन करके वे किसी सरकारी आदेश का उल्लंघन कर रहे हैं।

    याची की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अमित आनंद तिवारी ने कहा कि ऐसा कोई आरोप नहीं है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन से किसी प्रकार की बाधा, असुविधा, चोट या जोखिम उत्पन्न हुआ हो।

    उन्होंने आगे तर्क दिया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 215 (एक)(ए)(आई) के तहत न्यायालय किसी अपराध का संज्ञान तभी ले सकता है जब संबंधित लोक सेवक या उसके अधीनस्थ द्वारा लिखित में शिकायत की गई हो।

    राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (डीएमके) के छात्र संगठन द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मसौदा नियमों के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था।डीएमके नेता पी विल्सन, कनिमोझी और ए राजा भी इस मामले में आरोपी हैं।

    मुख्य आरोप यह है कि यह विरोध प्रदर्शन दिल्ली पुलिस से अनुमति लिए बिना आयोजित किया गया था। याचिका में प्राथमिकी रद करने की मांग कि गई है।

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