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    महिला की हत्या के 29 साल पुराने मामले में दो दोषियों की सजा बरकरार, दिल्ली HC ने दिया फैसला

    Updated: Mon, 27 Apr 2026 07:37 AM (GMT+05:30)

    दिल्ली हाई कोर्ट ने 1997 के एक लूटपाट और हत्या के मामले में दो दोषियों की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है। पीठ ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. दोषियों को एक सप्ताह के अंदर जेल अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण करने का दिया निर्देश

    2. लूटपाट के दौरान एक महिला की कर दी गई थी हत्या, ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद की सजा

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। शिवपुरी में 1997 में लूटपाट के दौरान एक महिला की हत्या के 29 साल पुराने मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को दो दोषियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा। न्यायमूर्ति नवीन चावला व न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की पीठ दोषी करार देने के निर्णय को चुनौती देने वाली अपीलकर्ताओं की याचिका को खारिज करते हुए सजा को बरकरार रखा।

    पीठ ने कहा कि ट्रायल कोर्ट के निष्कर्षों में कोई विकृति या गैर-कानूनी बात नहीं पाई गई है और दोषियों के खिलाफ अभियोजन पक्ष ने मामला साबित किया है। पीठ ने कहा कि अपील याचिकाएं खारिज की जाती हैं और अपीलकर्ता अनिल कुमार और सूर्य नारायण को दी गई सजा और दोषसिद्धि को बरकरार रखा जाता है।

    साथ ही पीठ ने शेष सजा काटने के लिए दोनों को एक सप्ताह के भीतर जेल अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। अदालत ने चेतावनी दी कि आत्मसमर्पण नहीं करने पर पुलिस गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए।

    क्या है पूरा मामला?

    इस महिला का शव 9 मई, 1997 को डाबरी पुलिस स्टेशन इलाके के शिव पुरी में एक घर में मिला था। पीड़िता दूजा देवी की हत्या अपीलकर्ताओं ने लूटपाट के दौरान की थी। अपराध से पहले, दोनों दोषियों को आखिरी बार मृतका के साथ देखा गया था। जांच में पता चला था कि पीड़िता का गला किसी धारदार हथियार से काटा गया था।

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    ट्रायल कोर्ट ने एक मई 2004 को दोनों को हत्या सहित अन्य धाराओं में दोषी करार देकर उम्रकैद की सजा सुनाई थी। साथ ही दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। ट्रायल कोर्ट के आदेश को दोषियों ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी और लंबित अपील के दौरान दाेनों जमानत पर रहे थे।