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    दिल्ली में कचरा अलग-अलग करने के नए नियम 1 अप्रैल से लागू, एक दिन छोड़कर होगा संग्रहण

    Updated: Tue, 31 Mar 2026 10:49 PM (IST)

    दिल्ली में आज से ठोस कचरा निस्तारण नियम 2026 लागू हो रहे हैं। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद और एमसीडी ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। एमसीडी अब एक द ...और पढ़ें

    दिल्ली में आज से ठोस कचरा निस्तारण नियम 2026 लागू हो रहे हैं। इमेज एआई

    दिल्ली में आज से ठोस कचरा निस्तारण नियम 2026 लागू हो रहे हैं। इमेज एआई

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आज से ठोस कचरा निस्तारण नियम 2026 लागू हो रहे हैं। ऐसे में नई दिल्ली नगरपालिका परिषद और एमसीडी ने इसको लागू करने की तैयारी कर ली है।

    एनडीएमसी ने चार तरह से कूड़ा एकत्रीकरण की पूर्व की लागू योजना को प्रभावी बनाने की दिशा में काम शुरू किया है जबकि एमसीडी ने इसे लागू करने अलग-अलग दिनों पर गीला व सूखा कचरा एकत्रित करने तैयारी की है। जिसमें एक दिन छोड़कर एक दिन गीला व सूखा कचरा एकत्रित किया जाएगा। साथ ही लोगों को जागरुक करने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जाएगा।

    इसको लेकर एमसीडी के अभियांत्रिक विभाग ने महापौर राजा इकबाल सिंह को कार्ययोजना सौंप दी है। जिसके तहत इसे लागू किया जाएगा। एमसीडी अधिकारियों द्वारा बनाई गई योजना के तहत हर जोन में वार्ड और कालोनी स्तर पर प्लान बनाया जाएगा। फिल यह व्यवस्था लागू की जाएगी।

    इसके तहत कुछ वार्ड में पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू किया जाएगा। इसमें गीला कचरा सिर्फ सोमवार, बुधवार और शुक्रवार के साथ रविवार को एकत्रित किया जाएगा। जबकि सूखा कचरा सिर्फ मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को एकत्रित घर-घर जाकर किया जाएगा।

    अधिकारी ने बताया कि चूंकि नए नियमों में कचरा निस्तारण में सहयोग और बेहतर प्रयास करने वाले नागरिकों को संपत्तिकर में छूट और जीरो कचरा निस्तारण का प्रस्ताव है। ऐसे में एमसीडी हर माह जीरो वेस्ट कालोनियों की संख्या बढ़ाने प भी काम करेगी।

    उल्लेखनीय है कि 2016 के नियमों के अनुरूप भी एमसीडी को कार्य करना था लेकिन निगम को अभी तक स्रोत पर ही कूड़ा निस्तारण, बल्क वेस्ट जेनेरेटर और जीरो वेस्ट कालोनियों को निर्धारित करने में ही चुनौतियों का सामना करना पड़ है। एमसीडी के 250 में से ही मात्र 12 वार्ड ही ऐसे हैं जिसमें 100 प्रतिशत स्रोत पर ही कचरा निस्तारण होता है।

    वहीं, घर-घर से कूड़ा एकत्रित करने में भी एमसीडी को दिक्कत हैंं क्योंकि संकरी गलियों में एमसीडी के वाहन ही नहीं पहुंच पाते हैं। वाहनों पर गीला व सूखा कचरा अलग-अलग करने के लिए बाक्स में भी मिला हुआ कूड़ा होता है।

    उल्लेखनीय है कि दिल्ली में 11500 मीट्रिक टन कचरा उत्पन्न होता है जिसमें 7000 मीट्रिक टन ही कचरा निस्तारित हो पाता है। शेष कूड़ा अब भी लैंडफिल साइटों पर डाला जा रहा है।

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