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15 अगस्त पर दिल्ली में हाई-टेक सुरक्षा, 35 सेकंड में अपराधियों को पहचान लेगा 'अभिज्ञान'; 20000 जवान होंगे तैनात

Published: Fri, 07 Aug 2026 10:21 PM (IST)

स्वतंत्रता दिवस के लिए दिल्ली में 20,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, जिसमें हाई-टेक सर्विलांस और अभिज्ञान ऐप का उपयोग किया जाएगा।

लाल किला के गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी। फोटो: जागरण

लाल किला के गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी। फोटो: जागरण

HighLights

  1. दिल्ली में 20,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी, हाई-टेक सर्विलांस तैनात

  2. अभिज्ञान ऐप से 35 सेकंड में अपराधियों की पहचान होगी

  3. लाल किले पर एंटी-ड्रोन, सीसीटीवी, यूवीएसएस से कड़ी निगरानी

मोहम्मद साकिब, नई दिल्ली। राजधानी में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के तहत 20 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए जा रहे हैं, जिन्हें अंडर-व्हीकल सिस्टम, फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) और स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) कैमरों सहित हाई-टेक सर्विलांस की मदद मिलेगी।

हाल ही में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और बीते वर्ष 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए आतंकी धमाके को देखते हुए दिल्ली पुलिस सुरक्षा-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अभिज्ञान एप से अपराधियों पर नजर रखेगी।

वहीं लाल किला के आसपास लगाए गए एक हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों से भी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, भौतिक तैनाती के अलावा, सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम और चेहरे की पहचान तकनीक के जरिए आयोजन स्थल और उसके आसपास के इलाकों की निगरानी की जाएगी।

लाल किले के पांच पार्किंग क्षेत्रों में विस्फोटकों, हथियारों या प्रतिबंधित वस्तुओं की जांच के लिए वाहनों के नीचे की तरफ से जांच करने के लिए अंडर-व्हीकल सर्विलांस सिस्टम (यूवीएसएस) तैनात किए जाएंगे।

यह तकनीक खतरों या विसंगतियों का पता लगाने के लिए कैमरों और स्कैनर का उपयोग करती है, जिससे चौकियों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा मजबूत होती है।

भीड़ की संख्या पर नजर रखने के लिए हेडकाउंट कैमरे और 200 से अधिक बाॅडी वार्न कैमरे तैनात किए जाएंगे। लावारिस या संदिग्ध वस्तुओं को चिह्नित करने वाले उपकरण भी लगाए जाएंगे, जबकि घुसपैठ का पता लगाने वाले कैमरे प्रतिबंधित क्षेत्रों की निगरानी करेंगे।

अधिकारी के मुताबिक, लाल किले के पास ऊंची इमारतों की सुरक्षा के लिए स्नाइपर और छतों पर निगरानी दल तैनात किए जाएंगे, जबकि निर्दिष्ट प्रतिबंधित क्षेत्रों में आवाजाही को प्रवेश नियंत्रण तंत्र के माध्यम से सख्ती से नियंत्रित किया जाएगा।

सादे कपड़ों में तैनात रहेगा निगरानी दल

एक अन्य अधिकारी के मुताबिक, कई सुरक्षा अभ्यासों, रात्रि गश्त और बढ़ी हुई पैदल गश्त के अलावा, जमीनी स्तर पर, खासकर संवेदनशील क्षेत्रों में, उपस्थिति को मजबूत करने के लिए सादे कपड़ों में निगरानी दल तैनात किए जा रहे हैं।

इसके अलावा साइबर इकाइयां शांति भंग करने वाले किसी भी संभावित आनलाइन खतरे या गलत सूचना जारी करने वालों का पता लगाने और उन्हें बेअसर करने के लिए इंटरनेट मीडिया प्लेटफाॅर्म पर भी कड़ी निगरानी रख रही हैं।

सभी हवाई उपकरणों पर लगाया प्रतिबंध

पुलिस आयुक्त ने दो अगस्त से 16 अगस्त के बीच दिल्ली के आसमान में पैराग्लाइडर, हैंग-ग्लाइडर, यूएवी, ड्रोन, हाॅट एयर बैलून और अन्य रिमोट से संचालित विमानों जैसे उप-पारंपरिक हवाई प्लेटफाॅर्मों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का भी आदेश जारी किया हुआ है।

इन हवाई प्लेटफाॅर्मों का असामाजिक तत्वों या आतंकवादी संगठनों द्वारा पैरा-जंपिंग या हवाई हमले करने के लिए दुरुपयोग किया जा सकता है, जिससे स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा, वीआईपी सुरक्षा और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को गंभीर खतरा हो सकता है।

सभी जिला पुलिस इकाइयों को पैदल गश्त का दिया निर्दश

पुलिस आयुक्त ने सभी जिला पुलिस इकाइयों को बाजारों, मेट्रो स्टेशनों, बस टर्मिनलों और अन्य सार्वजनिक सभा स्थलों पर पैदल गश्त करने का निर्देश दिया है।

वरिष्ठ अधिकारियों को जमीनी स्तर पर मौजूद रहने और सुरक्षा व्यवस्था की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करने के लिए कहा गया है। नागरिकों में विश्वास जगाने और उपद्रवियों को रोकने के लिए विभिन्न जिलों में औचक निरीक्षण और फ्लैग मार्च की भी योजना बनाई गई है।

35 सेकंड के भीतर अपराधियों को पहचानेगी अभिज्ञान एप

यह एप पुलिस के लिए एक ऐसा डिजिटल हथियार साबित होगा, जिसकी मदद से किसी भी संदिग्ध या अपराधी के फिंगरप्रिंट का मिलान करके सिर्फ 35 सेकंड के भीतर उसकी पहचान की जा सकेगी।

अब तक पुलिस को किसी संदिग्ध के फिंगरप्रिंट की जांच करने के लिए उसे फाेरेंसिक लैब भेजना पड़ता था, जिसमें कई दिन या हफ्ते लग जाते थे। लेकिन अब पुलिस जैसे ही किसी संदिग्ध को पकड़ेगी, मौके पर ही मोबाइल एप के जरिए उसके फिंगरप्रिंट को स्कैन किया जाएगा।

इसके अलावा यह एप सीधे एक बड़े राष्ट्रीय डेटाबेस से जुड़ेगा और मात्र 35 सेकंड के अंदर यह बता देगा कि उस व्यक्ति का कोई पुराना आपराधिक रिकार्ड है या नहीं।

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