3 साल में हाईटेक होगी दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था... बिना रुके कटेंगे चालान, ट्रैफिक सिग्नल खुद तय करेंगे समय
राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक जाम से राहत के लिए अत्याधुनिक 'इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम' (आइटीएमएस) लागू होने जा रहा है, ...और पढ़ें

राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक जाम से राहत के लिए अत्याधुनिक 'इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम' (आइटीएमएस) लागू होने जा रहा है। फाइल फोटो
HighLights
दिल्ली में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम होगा लागू।
एआई और आईओटी से ट्रैफिक होगा नियंत्रित, चालान भी स्वचालित।
पूरी तरह लागू होने में लगभग तीन साल का समय लगेगा।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ती ट्रैफिक की समस्या और जाम से जूझते लोगों को राहत देने के लिए एक बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। दिल्ली में अत्याधुनिक ''इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम'' (आइटीएमएस) लागू होने जा रहा है, हालांकि इसके पूरी तरह जमीनी स्तर पर उतरने में करीब तीन साल का वक्त लगेगा।
ट्रैफिक पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, गृह मंत्रालय से इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है, और अब कैबिनेट से पास होते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
क्या है इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम?
यह एक एडवांस टेक्नोलाजी आधारित प्रणाली है, जो सड़कों पर वाहनों की आवाजाही को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आइओटी) का इस्तेमाल करेगी। रियल-टाइम ट्रैफिक मानिटरिंग यानी सड़कों पर लगे स्मार्ट कैमरे और सेंसर गाड़ियों के दबाव को मापेंगे, जिसके आधार पर ट्रैफिक सिग्नल का समय अपने आप तय होगा। इससे चौराहों पर बेवजह रुकना नहीं पड़ेगा।
यह सिस्टम तेज रफ्तार और रेड लाइट जंप करने वाली गाड़ियों की नंबर प्लेट को तुरंत रीड कर सीधे आटोमेटिक चालान जनरेट कर देगा। कमांड रूम में सारा डेटा लाइव रहेगा, जिससे किसी हादसे की स्थिति में एम्बुलेंस या पुलिस को तुरंत मौके पर भेजा जा सकेगा। साथ ही, एम्बुलेंस के लिए ग्रीन कारिडोर बनाने में भी यह तकनीक तुरंत प्रतिक्रिया देगी।
ठंडी पड़ रही ''ऑपरेशन संगम'' की रफ्तार!
दिल्ली को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बीते फरवरी में उपराज्यपाल के निर्देश पर ट्रैफिक पुलिस ने ''आपरेशन संगम'' नाम से एक सामुदायिक पुलिसिंग की शुरुआत की थी। इसके तहत आरडब्ल्यूए और मार्केट एसोसिएशन के पदाधिकारियों से मिलकर उनके सुझावों पर काम किया जा रहा है।
हालांकि, जमीनी स्तर पर यह मुहिम अभी तक उम्मीद के मुताबिक ज्यादा कारगर साबित होती नहीं दिख रही है। यह आने वाले वक्त में ही साफ होगा कि यह प्रयास कितना सफल रहता है।
50 वेरिएबल मैसेज साइन (वीएमएस) बोर्ड हुए अपग्रेड
स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट को मजबूत करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने मुख्य चौराहों पर लगे वेरिएबल मैसेज साइन बोर्डों को अपग्रेड करना शुरू कर दिया है। अब तक कुल 92 में से 50 बोर्ड अपग्रेड किए जा चुके हैं। फिलहाल इनसे केवल जागरूक वाहन चालक ही जाम से बच पा रहे हैं।
इन अपग्रेड किए गए वीएमएस बोर्डों को ''एडवांस्ड ट्रैफिक मॉनिटरिंग और कंट्रोल सिस्टम'' से जोड़ा जा रहा है। इसके जरिए ड्राइवरों को सड़क पर चलते हुए ही रियल-टाइम ट्रैफिक जाम, रूट डायवर्जन, दुर्घटना की चेतावनी, मौसम का हाल और सफर में लगने वाले अनुमानित समय की लाइव जानकारी (डायनामिक ट्रैवल एडवाइजरी) मिल रही है। इससे लोग वैकल्पिक रास्ता चुनकर अपनी यात्रा को बेहतर ढंग से प्लान कर पा रहे हैं।
विशेषज्ञों और अधिकारियों का मानना है कि इन शुरुआती कदमों के बीच, जब तक राजधानी में ''इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम'' पूरी तरह लागू नहीं हो जाता, तब तक दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था को सही मायने में पूरी तरह सुधारना एक बड़ी चुनौती बना रहेगा।
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