दिल्ली के जनकपुरी में चार मंजिला इमारत में भीषण आग, टूटी सड़कों ने बढ़ाई दमकल की मुश्किल
पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी स्थित वीरेंद्र नगर कॉलोनी में एक चार मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई, जिससे पूरी इमारत जलकर खाक हो गई। शॉर्ट सर्किट से लगी आग ...और पढ़ें
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जनकपुरी के वीरेंद्र नगर कॉलोनी में एक चार मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई।
HighLights
जनकपुरी की चार मंजिला इमारत आग में पूरी तरह खाक।
शॉर्ट सर्किट से लगी आग, सभी परिवार सुरक्षित बाहर निकले।
टूटी सड़कें और पार्किंग से दमकल को पहुंचने में देरी।
जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। हरीनगर थाना क्षेत्र के जनकपुरी स्थित वीरेंद्र नगर कॉलोनी में बृहस्पतिवार देर रात भीषण आग लगने से चार मंजिला रिहायशी इमारत पूरी तरह जलकर खाक हो गई। आग की शुरुआत ग्राउंड फ्लोर पर बनी पार्किंग में लगे बिजली के मीटरों में शॉर्ट सर्किट से हुई, जिसने देखते ही देखते वहां खड़ी गाड़ियों और फिर पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत रही कि समय रहते इमारत में रहने वाले सभी चार परिवार के सदस्य पीछे के रास्ते से बाहर निकल गए और कोई जनहानि नहीं हुई।
घटना रात करीब एक बजे की है। इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर बनी पार्किंग में लगे बिजली मीटरों में अचानक शार्ट सर्किट हुआ, जिसके बाद आग भड़क उठी। पार्किंग में खड़ी गाड़ियां आग की चपेट में आ गईं। धुआं के इमारत में फैलने और आसपास के लोगों के शोर मचाने पर लोगों की नींद खुली। इसके बाद जिस हालत में था, उसी हालत में घर से बाहर भागा।
जरूरी दस्तावेज और घरेलू सामान तक निकालने का समय नहीं मिला
कई लोगों को अपने कपड़े, जरूरी दस्तावेज और घरेलू सामान तक निकालने का समय नहीं मिला। नीचे आने पर लोगों ने देखा कि मुख्य दरवाजा आग की लपटों में घिरकर गिर चुका था। इसके बाद परिवारों ने पीछे के दरवाजे का सहारा लिया, जो दूसरी ओर की सड़क पर खुलता है, और वहां से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि आग के बीच किसी तरह कुछ दोपहिया वाहनों को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन पार्किंग में खड़ी तीन कारें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। वहीं, घरों में रखा फर्नीचर, इलेक्ट्रानिक सामान, कपड़े और अन्य घरेलू वस्तुएं आग में जल गईं। लोगों का कहना है कि कुछ ही मिनटों में उनकी वर्षों की जमा पूंजी राख में बदल गई।
लोगों का कहना है कि आग लगने के तुरंत बाद दमकल विभाग को सूचना दे दी गई थी, लेकिन कालोनी की सभी गलियों की टूटी सड़कों और उसमें बेतरतीब तरीके से पार्क की गई कारों के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियां समय पर मौके तक नहीं पहुंच सकीं।
इलाके में सीवर और पाइपलाइन डालने का काम शुरू हुआ था
स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब पांच महीने पहले इलाके में सीवर और पाइपलाइन डालने का काम शुरू हुआ था, जिसके चलते सभी गलियों की सड़कें तोड़ दी गई थीं। अब तक न तो काम पूरा हुआ और न ही सड़कें दोबारा बनाई गईं। इसी वजह से दमकल की गाड़ियां वीरेंद्र नगर तक पहुंचने के बावजूद अंदर गलियों में फंस गईं और करीब दो घंटे बाद मौके तक पहुंच सकीं। फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं।

