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दिल्ली: शास्त्री पार्क फर्नीचर मार्केट में लगी भीषण आग, गुस्साए लोगों ने दमकल की गाड़ियों पर किया पथराव

By AgencyEdited By: Sonu Suman
Updated: Sat, 23 May 2026 02:10 AM (IST)

दिल्ली के शास्त्री पार्क स्थित फर्नीचर मार्केट में भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। आग बुझाने पहुंची दमकल की गाड़ियों पर गुस्साए लोगों ने पथराव किया, जिससे कुछ गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।

शास्त्री पार्क फर्नीचर मार्केट में लगी भीषण आग।

शास्त्री पार्क फर्नीचर मार्केट में लगी भीषण आग।

HighLights

  1. दिल्ली के शास्त्री पार्क फर्नीचर मार्केट में भीषण आग।

  2. गुस्साए लोगों ने दमकल की गाड़ियों पर किया पथराव।

  3. पथराव में कुछ दमकल गाड़ियां हुईं क्षतिग्रस्त।

जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। शास्त्री पार्क फर्नीचर मार्केट में शुक्रवार रात भीषण आग लग गई। आग इतनी भयंकर थी कि मार्केट जलकर खाक हो गई। मार्केट में टिन शेड से बनी करीब 700 दुकानें हैं, करीब 50 दुकानें ही बची हैं। आरोप है आग की सूचना देने के बाद दमकल की गाड़ियां एक घंटे देरी से पहुंची। इस वजह आग बढ़ती चली गई। जबकि दमकल का केंद्र मार्केट से दो किलोमीटर दूर है। जब दमकल के गाड़ियां मौके पर पहुंची तो गुस्साए लोगों ने वाहनों पर पथराव कर दिया। एक वाहन का शीशा टूट गया। पुलिस ने किसी तरह से स्थिति को संभाला।

दमकल की 30 गाड़ियों ने सात घंटे की मशक्कत से आग पर काबू पाया। आशंका है कि शाट सर्किट से आग लगी। लेकिन व्यापारियों का आरोप है किसी ने जानबुझकर मार्केट में आग लगाई है। शास्त्री पार्क थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। मार्केट में आग से निपटने के कोई इंतजाम एसोसिएशन व दुकानदारों की तरफ से कभी किए नहीं गए। पिछले चार वर्षों में यह इस मार्केट में पांचवीं बड़ी आग है।

मार्केट के दुकानदारों ने बताया कि रात आठ बजे मार्केट बंद हो जाती है। रात के वक्त दुकानदों की देखरेख के लिए कुछ कर्मचारी रहते हैं। रात करीब 11 बजे गेट नंबर छह के पास दुकानों से आग लपटे उठनी शुरू हुई। कर्मचारियों ने दमकल को फोन किया। आरोप दमकल की टीमें मौके पर नहीं आई। मार्केट में लकड़ी व फाेम और गद्दे की वजह से आग तेजी से फैलती चली गई। आग की सूचना मिलते ही दुकानदार आए।

करीब 12 बजे के आसपास दमकल के वाहन आए। उस वक्त तक स्थानीय लोग व दुकानदार मौके पर जुट चुके थे। दमकल के देर से आने पर कुछ लोगों ने दमकल के वाहनों पर पथराव कर दिया। करीब दस मिनट तक दमकलकर्मी उन लोगों से जूझते रहे। उन्होंने वाहनों का रास्ता रोक लिया। पुलिस ने किसी तरह से मामले को शांत किया। करीब दो हजार गज में बनी 700 दुकानों से 650 दुकानें जलकर राख हो गईं। दुकानों में अलमारी, बैड, सोफे, समेत कई सामान रखा हुआ था।

रातभर रहा अफरा तफरी का माहौल

मार्केट की आग इतनी भीषण थी कि कई किलोमीटर दूर से ही लपटे नजर आ रही थी। रोड पर वाहनों का अावागमन बंद करना पड़ा। आसपास के क्षेत्र में धुएं का गुबार फैला हुआ था। हालत यह हो गई थी, लोगों के घरों में आग का धुंआ भर गया था। आंखों में जलन होने पर उन लोगों को घरों से निकलकर अन्य क्षेत्र में रहने वाले अपने रिश्तेदारों के यहां जाना पड़ा।

रातभर अफरा तफरी का माहौल रहा। दुकानदार बिलबिलाकर रो रहे थे। उनकी आंखों के सामने उनका लाखों रुपये का सामान जल रहा था, लेकिन ऐसा कोई रास्ता नहीं था। जिससे वह सामान को बचा सकें। पेड़ों की टहनी दमकल के वाहनों के लिए बाधा बन रही थी, कुछ टहनियों को काटा गया। जिससे वाहनों को रास्ता मिल सके।

मेट्रो को नुकसान होने से बचा

मार्केट से करीब 80 मीटर दूरी पर मेट्रो की रेड लाइन है। आग की लपटे इतनी ज्यादा थी कि हवा के जरिये मेट्रो की लाइन तक जा रही थी। गनीमत रही उस वक्त तक मेट्रो के परिचालन का समय खत्म हो गया था। डीएमआरसी की टीम भी मेट्रो लाइन पर तैनात रहीं। रात 11:57 बजे कंट्रोल रूम को आग की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के कुछ ही देर में दमकल की टीम मौके पर पहुंच गई थी। देरी से पहुंचने का आरोप बेबुनियाद है। दिल्ली में आग काफी लग रही है, हर एक काल पर दमकल टीमें जा रही हैं। - एके मलिक, डिप्टी फायर चीफ

सिलिंडर से गैस रिसाव होने से लगी आग, पुलिस ने परिवार को बचाया

अजीत नगर क्षेत्र में शनिवार दोपहर को एलपीजी सिलिंडर से गैस रिसाव होने पर एक घर में आग लग गई। खाना बनाने के दौरान हादसा हुआ। घर के अंदर एक साल के बच्चे के साथ दंपती फंस गए। पुलिसकर्मी फरिश्ता बनकर वहां पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला। अरशद अली इनकी पत्नी अर्शना और उनके एक साल के बेटे अरमान अली को आटो से जग प्रवेश चंद्र अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां उनका इलाज चल रहा है।

डीसीपी शाहदरा आरपी मीणा ने बताया कि शनिवार दाेपहर डेढ बजे गांधी नगर थाने के एएसआइ कुलदीप, हेड कांस्टेबल राहुल, कांस्टेबल विपिन और सन्नी गश्त कर रहे थे। उसी दौरान उनकी नजर दो मंजिला मकान पर पड़ी, जिसमे आग लगी हुई थी। पुलिस बिना देर किए घर में गई। परिवार एक कमरे में फंसा हुआ था।

पुलिसकर्मियों ने पानी के जरिये आग पर काबू पाने की कोशिश की और परिवार को सुरक्षित निकाला। धुएं की वजह से परिवार की तबीयत बिगड़ गई थी। पुलिस ने अस्पताल में भर्ती करवाया। समय पर अगर पुलिसकर्मी नहीं पहुंचते तो परिवार की जान जा सकती थी।

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