दिल्ली में कहां बनेगा बनेगा ग्रीन रिवरफ्रंट? यमुना किनारों को एक साथ संवारने की तैयारी; LG और CM का नया प्लान
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वासुदेव और यमुना बाजार घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने यमुना सफाई, विकास कार्यों और ...और पढ़ें
HighLights
उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री ने यमुना घाटों का निरीक्षण किया
यमुना सफाई में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का सहयोग मिलेगा
ठोस अपशिष्ट पर जीरो टॉलरेंस, हरित रिवरफ्रंट बनेगा
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू पदभार ग्रहण करने के बाद पिछले लगभग एक माह से दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर जाकर जनता से संवाद कर रहे हैं। दिल्लीवासियों ने उनसे वायु प्रदूषण, दूषित यमुना, गर्मी में जल संकट और मानसून में जलभराव की समस्या को लेकर अपनी चिंता प्रकट की है।
इसे ध्यान में रखकर बुधवार को उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ वासुदेव घाट तथा यमुना बाजार घाट का निरीक्षण किया और यमुना की सफाई और इसके तट पर चल रहे विकास कार्यों के साथ ही मानसून की तैयारी की समीक्षा की।
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड, डीपीसीसी और दिल्ली नगर निगम सहित सभी संबंधित विभागों को कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया, जिसमें स्पष्ट लक्ष्य और उनके कार्यान्वयन की समय-सीमा तय होगी।
दिल्ली के उपराज्यपाल तेजिंदर सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना घाट का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्वच्छ यमुना को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। @gupta_rekha @LtGovDelhi pic.twitter.com/OjHdyoFH9z
— gaurav tiwari (@gtiwari25july) April 9, 2026
वजीराबाद से ओखला तक बनेगा ग्रीन रिवरफ्रंट
अधिकारियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीवेज नियंत्रण और अवैध कचरा निस्तारण पर जीरो टालरेंस की नीति अपनाने, वजीराबाद से ओखला तक रिवर फ्रंट को पर्यावरण-अनुकूल बनाने, हरित विकास, वेटलैंड्स संरक्षण और जैव-विविधता पार्कों के निर्माण में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
नदी के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए इसके किनारे कच्चे वाकिंग और साइकिल ट्रैक विकसित करने और घाटों को अलग-अलग टुकड़ों के बजाय एक साथ विकसित करने को कहा गया है।
अधिकारियों ने उन्हें यमुना नदी के किनारों को पारिस्थितिक रूप से पुनर्जीवित करने, जैव-विविधता को बढ़ावा देने, प्रदूषण को कम करने जैसे कार्यों की जानकारी दी।
उपराज्यपाल ने कहा कि यमुना पुनर्जीवन प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की प्राथमिकता में शामिल है। इस कार्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का सहयोग लिया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण के लिए 21.44% बजट
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार पहले दिन से ही मां यमुना की स्वच्छता और पुनर्जीवन के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2026-27 के बजट में 22,236 करोड़ (लगभग 21.44 प्रतिशत) पर्यावरण संरक्षण के लिए है।
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उन्होंने नदी में जल धारण क्षमता बढा़ने के लिए अतिक्रमण हटाने, तीन-स्तरीय एजेंडा के अंतर्गत नदी व इसमें गिरने वाले नालों से गाद निकालने, जल प्रवाह को सुचारु बनाने तथा जलभराव वाले हाॅटस्पाॅट्स के स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
कहा, यमुना का पुनर्जीवन एक दीर्घकालिक एवं सतत प्रक्रिया है, जिसके लिए निरंतर प्रयास, जनसहभागिता तथा प्रभावी प्रबंधन आवश्यक है।
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