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मालवीय नगर अग्निकांड: अंधेरे में हर तरफ धुंआ, सुलगते कमरे और तड़पकर दम तोड़ते लोग, चुनौतीपूर्ण रहा बचाव अभियान

Published: Thu, 04 Jun 2026 07:13 AM (IST)Updated: Thu, 04 Jun 2026 08:20 AM (IST)

मालवीय नगर के बीएनबी में भीषण आग लगने से हर तरफ जहरीला धुआं और तपिश थी, जहां अग्निशमन कर्मियों ने ...और पढ़ें

संकरी सीढ़ियों और धुएं के बीच यह बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।

संकरी सीढ़ियों और धुएं के बीच यह बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।

HighLights

  1. अंधेरे और धुएं में बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण था।

  2. दमकलकर्मियों ने जान पर खेलकर 19 लोगों को बचाया।

  3. संकरी सीढ़ियों पर चादरों से लोगों को बाहर निकाला गया।

नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। अंधेरे में हर तरफ जहरीला धुंआ ही धुंआ, सुलगते कमरों में से आती तपिश और आग की लपटे और तड़पकर दम तोड़ते लोगों में बचाव की अंतिम आस में घुटती आवाज। इस मंजर में अग्निशमन कर्मियों के लिए मालवीय नगर के बीएनबी में बचाव अभियान चलाना काफी दुरुह था। वैसे, कर्मियों का प्रशिक्षण का स्तर ऐसा ही होता है, पर जब खुद की सांसें लड़खड़ाने लगे, बेहोशी छाने लगे तो मामला अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

सीढ़ियां थीं बिल्कुल संकरी

सफदरजंग फायर स्टेशन के स्टेशन आफिसर मनोज महलावत तथा उनकी टीम के साथ ही नेहरू प्लेस व बीकाजी के फायर स्टेशन कर्मियों ने जान पर खेलते हुए 19 लोगों को बाहर निकाला, जिनमें से कई की सांसें पहले ही थम चुकी थी। यह अभियान उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि आग बेसमेंट स्थित रेस्तरां से लेकर ऊपर छठवीं मंजिल तक बचाव अभियान चलाना था। उसमें भी बेसमेंट से ऊपर की सीढ़ियां बीच में थी तो ऊपर यह काफी संकरी थी। उसमें 58 से अधिक लोगों का बचाव अभियान कुछ ही देर में पूरा करना था।

स्ट्रैचर की जगह चादरों का हुआ इस्तेमाल

सीढ़ियां काफी संकरी थी, जिसके चलते बचाव अभियान के दौरान पर्यटकों को निकालने में काफी मुश्किलें आई। स्ट्रेचर लेकर मुड़ा नहीं जा सकता था तो एंबुलेंस कर्मियों की मदद से लोगों को चादर में सुलाकर बाहर निकाला गया। यह चादर भी बाहर बेचनेे वाले से मिले थे। अभियान में एंबुलेंस कर्मियों की भी भूमिका सराहनीय रही। वे अग्निशमन कर्मियों के साथ मिलकर बचाव अभियान में जुटे रहे और अंदर कमरों में से लोगों को बचाया, उन्हें निकालने में मदद की।

शीशे तोड़े तो मिला ऑक्सीजन

कमरों की स्थिति भी काफी खराब थी। एक अग्निशमन कर्मी ने बताया कि कमरों में खिड़कियां नहीं थी। तो किसी में थी, लेकिन वे शीशे के पल्ले से बंद थे। ऐसे में उनके शीशे तोड़े गए। तब जाकर कमरे में आक्सीजन पहुंच पाया, जिससे लोगों को बचाने के साथ बचाव कर्मियों को भी सांसें मिल सकी। तभी चौथी मंजिल से हाथ हिलाते हुए एक पर्यटक दिखाई पड़ा तो उसे बचाने चल पड़े।

प्रमुख तथ्य

  • 21 लोगों की मौत, 20 घायल
  • 48 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
  • सुबह 8:35 से 8:40 बजे के बीच लगी आग
  • 8:48 बजे मिली पहली आपातकालीन सूचना
  • आठ दमकल गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
  • अधिकांश मौतें धुएं से दम घुटने के कारण होने की आशंका
  • आग के कारणों की जांच जारी
  • रेस्टोरेंट संचालक गिरफ्तार, एफआईआर दर्ज।

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