59 सेकंड की देरी पर भी ‘लेट’ और फिर 99.95% समयबद्धता... आखिर कैसे हांगकांग, पेरिस और न्यूयार्क से आगे निकली दिल्ली मेट्रो?
दिल्ली मेट्रो ने परिचालन की समयबद्धता और विश्वसनीयता में वैश्विक स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल किया है, हांगकांग, पेरिस और न्यूयार्क जैसे प्रमुख मेट्रो ने ...और पढ़ें

दिल्ली मेट्रो ने परिचालन की समयबद्धता और विश्वसनीयता में वैश्विक स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल किया है।
HighLights
दिल्ली मेट्रो परिचालन समयबद्धता और विश्वसनीयता में विश्व में शीर्ष पर।
हांगकांग, पेरिस, न्यूयार्क मेट्रो को पीछे छोड़ 99.95% समयबद्धता।
दुनिया की सबसे लंबी ड्राइवर रहित पिंक लाइन दिल्ली मेट्रो में।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो ने परिचालन की समयबद्धता और विश्वसनीयता के मामले में वैश्विक स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल किया है। दिल्ली मेट्रो ने हांगकांग, पेरिस और न्यूयार्क सबवे जैसे विश्व के प्रमुख मेट्रो नेटवर्कों को पीछे छोड़ते हुए परिचालन दक्षता में खुद को सबसे आगे स्थापित किया है।
सेकेंड के कड़े पैमाने पर भी 99.95 प्रतिशत समयबद्धता
डीआरएमसी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली मेट्रो में निर्धारित समय से मात्र 59 सेकंड से अधिक विलंब होने पर भी ट्रेन को लेट माना जाता है, जबकि दुनिया के कई मेट्रो प्रणालियों में यह मानक कई मिनटों का होता है। इतने कड़े मानकों के बावजूद वर्ष 2026 में दिल्ली मेट्रो ने 99.95 प्रतिशत की समयबद्धता दर्ज की है।
वर्ष 2002 में मात्र 8.4 किमी के रूट और 98.27 प्रतिशत समयबद्धता से शुरू हुआ यह सफर आज 416.5 किमी लंबे विशाल नेटवर्क और 12 लाइनों तक फैले नेटवर्क पर भी मजबूती से कायम है।
ट्रेनों के बीच का अंतराल करीब पांच मिनट तक घटा
डीएमआरसी के प्रधान कार्यकारी निदेशक अनुज दयाल ने बताया कि नेटवर्क और यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी के बावजूद डीएमआरसी ने परिचालन गुणवत्ता को बनाए रखा है। शुरुआती वर्षों में जहां ट्रेनों के बीच सात मिनट का अंतराल होता था, वहीं अब व्यस्त रूटों पर यह घटकर मात्र दो मिनट 18 सेकंड रह गया है।
इसके अलावा खराबी आने से पहले तय की जाने वाली दूरी का अंतरराष्ट्रीय मानक 2.72 मिलियन कार-किमी दर्ज किया गया है। ''कम्युनिटी ऑफ मेट्रोस'' की अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्किंग में भी दिल्ली मेट्रो लगातार दुनिया की सबसे भरोसेमंद प्रणालियों में शुमार है।
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ड्राइवर रहित नेटवर्क में भी अग्रणी
वर्तमान में दिल्ली मेट्रो का लगभग 29 प्रतिशत नेटवर्क ड्राइवर रहित तकनीक पर संचालित हो रहा है। इसकी 71.55 किमी लंबी पिंक लाइन (लाइन-सात) दुनिया की सबसे लंबी ड्राइवर रहित सर्कुलर मेट्रो लाइन है। औसतन 64 लाख से अधिक दैनिक यात्रियों को सेवा देने वाली दिल्ली मेट्रो की यह उपलब्धि भारतीय शहरी परिवहन के लिए एक बड़ी मिसाल है।