Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    थिएटर और संस्कृति को बढ़ावा देगी दिल्ली मेट्रो, DMRC और NSD ने जागरूकता बढ़ाने के लिए किया एमओयू

    Updated: Wed, 25 Mar 2026 09:27 PM (IST)

    दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) के साथ तीन साल का समझौता किया है। इसका उद्देश्य मेट्रो कर्मियों और यात्रियों के बीच थि ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. DMRC और NSD ने कला-संस्कृति को बढ़ावा देने हेतु समझौता किया

    2. मेट्रो कर्मियों, यात्रियों के लिए थिएटर कार्यशालाएं व कार्यक्रम होंगे

    3. DMRC ऐप से NSD कार्यक्रमों के टिकट भी उपलब्ध होंगे।

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो अब थिएटर और संस्कृति को बढ़ावा देगी। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने इसके लिए राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) के साथ समझौता किया है। इसका उद्देश्य मेट्रो कर्मियों और यात्रियों में थिएटर, कला व संस्कृतिक के प्रति जागरूकता तथा रचनात्मक जुड़ाव को बढ़ावा देना है।

    डीएमआरसी भवन में आयोजित कार्यक्रम में डीएमआरसी के निदेशक (संचालन एवं सेवाएं) डॉ. अमित कुमार जैन तथा एनएसडी के निदेशक चित्तरंजन त्रिपाठी ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। समझौता तीन वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा और आपसी सहमति से इसे आगे बढ़ाया भी जा सकता है।

    इसके अनुसार मेट्रो भवन, सभागार व अन्य परिसरों में एनएसडी के थिएटर आधारित इंटरैक्टिव सत्र, जागरूकता अभियान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की पूरी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही मेट्रो स्टेशनों और मेट्रो ट्रेनों में बैनर तथा पब्लिक अनाउंसमेंट के माध्यम से प्रचार-प्रसार होगा। एनएसडी के कार्यक्रमों के लिए डीमआरसी के मोबाइल एप से भी टिकट उपलब्ध कराने की भी तैयारी है।

    डीएमआरसी को नुक्कड़ नाटक, कहानी सुनाने के सत्र और अन्य थिएटर कार्यक्रमों में एनएसडी का सहयोग मिलेगा। मेट्रो कर्मियों के लिएथिएटर कौशल और रचनात्मक अभिव्यक्ति पर विशेष कार्यशालाएं तथा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। कर्मचारियों के बच्चों के लिए भी रियायती शुल्क पर कार्यशाला आयोजित होगी।

    खबरें और भी

    डीएमआरसी अधिकारियों को एनएसडी के कार्यक्रमों में भाग लेने का मौका मिलेगा। उन्हें स्टेज, लाइटिंग तथा साउंड सिस्टम जैसी थिएटर सुविधाओं तक पहुंच प्रदान करेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से मेट्रो में यात्रा करते वक्त कला और संस्कृति का भी आनंद ले सकेंगे।