दिल्ली में मानसून से पहले जलभराव रोकने के लिए PWD का बड़ा प्लान, 56 करोड़ से बनाएगा 15 से अधिक नाले
दिल्ली में मानसून के दौरान जलभराव और यातायात जाम से निपटने के लिए पीडब्ल्यूडी ने कमर कस ली है। विभाग 56 करोड़ रुपये की लागत से 15 से अधिक प्रमुख नालों ...और पढ़ें

मानसून के दौरान जलभराव रोकने के लिए तैयार किया प्लान। फोटो: आर्काइव
HighLights
पीडब्ल्यूडी 15 से अधिक नए नाले बनाएगा
परियोजना पर लगभग 56 करोड़ रुपये खर्च होंगे
जलभराव रोकने को दो पंप हाउस भी बनेंगे
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राजधानी में हर साल मानसून के दौरान होने वाले भीषण जलभराव और यातायात जाम की समस्या से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने कमर कस ली है। विभाग ने शहर के विभिन्न हिस्सों में 15 से अधिक प्रमुख नालों के निर्माण और पुनर्निर्माण की योजना तैयार की है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करना है, ताकि आगामी मानसून सीजन में लोगों को राहत मिल सके।
56 करोड़ रुपये की लागत और प्रमुख क्षेत्र
अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना पर लगभग 56 करोड़ रुपये की लागत आएगी। निर्माण कार्य मुख्य रूप से मध्य, उत्तर-पश्चिमी और उत्तरी दिल्ली के इलाकों पर केंद्रित रहेगा। इन क्षेत्रों में जल निकासी की सबसे अधिक समस्या देखी जाती है। पीडब्ल्यूडी इन नालों को आधुनिक तकनीक और प्री-कास्ट सामग्री का उपयोग करके बनाने जा रहा है, जिससे काम जल्दी पूरा हो सके और नालों की क्षमता बढ़ सके।
इन इलाकों में मिलेगा फायदा
परियोजना के तहत मध्य दिल्ली में शहीद पार्क मार्ग (कोडिया पुल से छत्ता रेल पुल), अजमेरी गेट से सीता रोड, आसफ अली रोड, जवाहरलाल नेहरू मार्ग और रंजीत सिंह मार्ग सहित कई महत्वपूर्ण सड़कों के नालों को नया रूप दिया जाएगा। इसके अलावा, उत्तरी दिल्ली के कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन से लेकर रिंग रोड तक के नालों का निर्माण होगा। वहीं, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में शालीमार बाग के हैदरपुर मुख्य मार्ग, शालीमार बाग रेलवे अंडरपास और स्वामी शरधानंद सरस्वती मार्ग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पंप हाउसों का निर्माण
नालों के निर्माण के अलावा, पीडब्ल्यूडी दो सबसे अधिक जलभराव वाले स्थानों पर पंप हाउस भी स्थापित करेगा। तिमारपुर विधानसभा क्षेत्र के अवतार सिंह मार्ग और हकीकत नगर क्षेत्र में लगभग 4.25 करोड़ रुपये की लागत से पंप हाउस और संप वेल बनाए जाएंगे। इन पंप हाउसों के बनने से भारी बारिश के दौरान सड़कों पर जमा पानी को तेजी से निकालना संभव होगा।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मानसून शुरू होने से पहले ही सभी निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएंगे, जिससे चांदनी चौक, पहाड़गंज, करोल बाग और शालीमार बाग सहित कई इलाकों में लाखों नागरिकों को जलभराव से निजात मिल सकेगी।