नवरात्र पर नहीं जाम होंगी दिल्ली की सड़कें, मंदिर जाने वाले रास्तों के लिए ट्रैफिक पुलिस का खास प्लान तैयार
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नवरात्रि के दौरान मंदिरों के आसपास बढ़ती भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए व्यापक प्रबंधन योजना बनाई है। ...और पढ़ें
HighLights
भक्तों के जुलूसों और मंदिरों के आसपास अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात
मंदिर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन और रूट मैनेजमेंट लागू होगा
तेज आवाज संगीत, लापरवाही से वाहन चलाने पर होगी कार्रवाई
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। नवरात्र के दौरान राजधानी में मंदिरों के आसपास भीड़ बढ़ती है। बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक ट्रैफिक प्रबंधन योजना तैयार की है। जिसके चलते प्रमुख मंदिरों और जुलूस मार्गों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी, ताकि ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू बनी रहे और लोगों को जाम की समस्या का सामना न करना पड़े।
इस वर्ष नवरात्र बृहस्पतिवार से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेंगे। इस दौरान राजधानी के कई प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। खासकर कालकाजी मंदिर, छतरपुर मंदिर और झंडेवालान मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
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फोटो सौजन्य- AI generated
एडिशनल सीपी (ट्रैफिक) दिनेश कुमार गुप्ता के मुताबिक, नवरात्र के दौरान मंदिरों के आसपास आने वाले मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन और रूट मैनेजमेंट लागू किया जाएगा। विशेष रूप से कालकाजी मंदिर के आसपास मथुरा रोड और रिंग रोड पर भीड़ बढ़ने की आशंका को देखते हुए वहां विशेष व्यवस्था की जा रही है। भीड़भाड़ के समय वाहनों को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ा जाएगा, ताकि जाम की स्थिति न बने।
कई स्थानों पर पिकेट और चेकिंग प्वाइंट
मथुरा रोड, आउटर रिंग रोड, अरविंदो मार्ग और महरौली-गुरुग्राम रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर भी ट्रैफिक पुलिस की निगरानी बढ़ाई जाएगी। कई स्थानों पर पिकेट और चेकिंग प्वाइंट लगाए जाएंगे, जहां पुलिसकर्मी ट्रैफिक को नियंत्रित करेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
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ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, नवरात्र के दौरान कई धार्मिक जुलूस भी राजधानी में प्रवेश करते हैं। ये जुलूस गाजियाबाद और नोएडा की सीमाओं से दिल्ली में प्रवेश कर विभिन्न मार्गों से होते हुए मंदिरों तक पहुंचते हैं। ऐसे में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, एनएच-9 और अन्य प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाता है।
रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बजाने पर प्रतिबंध
इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस ने पहले से ही ट्रैफिक मैनेजमेंट की तैयारी शुरू कर दी है। इस दौरान तेज आवाज में संगीत बजाने वाले वाहनों और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों के अनुसार रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बजाने पर प्रतिबंध है। यदि किसी जुलूस में निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि प्रदूषण पाया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।