दिल्ली नर्सरी दाखिला: 23 जनवरी को जारी होगी पहली लिस्ट, अभिभावकों को करनी होगी सीट पक्की
Delhi Nursery Admission 2026: दिल्ली के 1700 से अधिक निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिले की पहली सूची आज जारी होगी। शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी इस सूची के ...और पढ़ें

Delhi Nursery Admission को लेकर पहली सूची शुक्रवार को जारी होगी। प्रतीकात्मक तस्वीर, सौ.- जागरण ग्राफिक्स

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। Delhi Nursery Admission 2026: राजधानी के 1700 से अधिक निजी स्कूलों में नर्सरी, केजी और पहली कक्षा में दाखिले का इंतजार कर रहे हजारों अभिभावकों के लिए आज का दिन बहुत अहम है। शिक्षा निदेशालय की ओर से शुक्रवार (23 जनवरी) को दाखिले की पहली सूची जारी की जाएगी। अभिभावक संबंधित स्कूलों के नोटिस बोर्ड या उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर मेरिट लिस्ट देख सकेंगे।
हालांकि, पहली सूची आने के साथ ही अभिभावकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सही समय पर सही फैसला लेने की होगी। स्कूल प्रबंधन और प्रधानाचार्यों का कहना है कि यदि पहली सूची में किसी स्कूल में बच्चे का नाम आता है तो वहां सीट को पक्का करना समझदारी होगी। ऐसा नहीं करने पर बाद की सूचियों के भरोसे बैठना कई बार नुकसानदायक साबित हो सकता है।
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इस बार बड़ी संख्या में अभिभावकों ने पांच से सात, कुछ ने दस से अधिक स्कूलों में आवेदन किया है। ऐसे में संभावना है कि अधिकांश बच्चों को किसी न किसी स्कूल में मौका मिल जाए। शिक्षकों ने कहा कि अभिभावक केवल लेकिन नामचीन और चर्चित स्कूलों में दाखिले को लेकर न बैठे रहे। पहली सूची में अगर बच्चे का नाम आ जाए तो सीट जरूर पक्की कर लें।
कितने अंकों पर मिल सकती है सीट?
स्कूलों का कहना है कि नेबरहुड, सिबलिंग और एल्युमिनाई जैसे मानकों पर मिलने वाले अंक ही दाखिले की दिशा तय करेंगे। कहीं 40 अंकों पर भी सीट मिल सकती है तो कई स्कूलों में 70 या उससे अधिक अंक होने पर ही दाखिला संभव है। जैसे ही कोई अभिभावक किसी एक स्कूल में सीट पक्की करता है, अन्य स्कूलों में उसकी सीट खुद ही खाली हो जाती है, जिससे दूसरे बच्चों को मौका मिलता है।
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बी श्रेणी के स्कूलों को लेकर स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि यदि इन स्कूलों में पहली सूची में नाम आता है तो उसे हल्के में न लें। सीट पक्की कर लेना सुरक्षित विकल्प है, क्योंकि कई बार अभिभावक बेहतर स्कूल की उम्मीद में पहली सूची छोड़ देते हैं और दूसरी सूची तक पहुंचते-पहुंचते मौका हाथ से निकल जाता है।
शिक्षा निदेशालय ने दाखिले से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए 18 जनवरी से 27 जनवरी तक स्कूलों से संपर्क की सुविधा भी दी है। प्रधानाचार्यों का कहना है कि यदि पहली सूची में नाम नहीं आता तो निराश होने की जरूरत नहीं है। दूसरी सूची और उसके बाद की प्रक्रियाओं में भी कई बच्चों को दाखिला मिल जाता है।