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    नई EV Policy से बदल जाएंगे दिल्ली के 400 पेट्रोल पंप, फ्यूल के साथ ही ईवी चार्जिंग स्टेशन बनने की तैयारी

    Updated: Thu, 02 Jul 2026 10:19 PM (GMT+05:30)

    दिल्ली की ईवी नीति के कारण पेट्रोल पंपों का स्वरूप बदलेगा, जहां पेट्रोल-डीजल के साथ ईवी चार्जिंग की सुविधा मिलेगी। पंप संचालक ईवी चार्जिंग प्वाइंट लगा ...और पढ़ें

    दिल्ली के पेट्रोल पंपों में लगेंगे ईवी चार्जिंग स्टेशन। फोटो: जागरण

    दिल्ली के पेट्रोल पंपों में लगेंगे ईवी चार्जिंग स्टेशन। फोटो: जागरण

    HighLights

    1. दिल्ली के 400 पेट्रोल पंपों का ढांचा ईवी नीति से बदलेगा

    2. अधिकतर पंपों पर पेट्रोल-डीजल के साथ ईवी चार्जिंग सुविधा मिलेगी

    3. ईवी नीति में ई-रिक्शा, ई-कार्ट शामिल न करने पर विरोध

    नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। दिल्ली की ईवी नीति कुछ वर्ष में दिल्लीभर के पेट्रोल पंपों का स्वरूप भी बदल देगी। अधिकतर पंप पेट्रोल-डीजल व सीएनजी के साथ ईवी चार्जिंग की सुविधा देते नजर आएंगे।

    यह इसलिए क्योंकि, कुछ वर्ष में पेट्रोल-डीजल की मांग में कमी के अंदेशे तथा ईवी चार्जिंग की मांग बढ़ने की स्थिति मेंं पंप संचालक भी ईंधन बिक्री के स्वरूप में बदलाव की ओर बढ़ेंगे।

    इसे लेकर उनमें मंथन तेज है। साथ ही जल्द उससे संबंधित मसौदा दिल्ली सरकार को सौंपने की तैयारी है। जिसमें पंपों को भी ईवी नीति के दायरे में लाते हुए उसके लिए सब्सिडी व वित्तीय सहयोग की मांग होगी।

    दिल्ली में करीब 400 पेट्रोल पंप हैं 

    दिल्ली में 400 पेट्रोल पंप है। मौजूदा समय में उसमें से करीब 20 पंपों पर ईवी चार्जिंग की सुविधा है। मौजूदा ईवी नीति के तहत जब दिल्ली की सड़कों से पेट्रोल-डीजल चालित वाहनों को बाहर करने की ठोस तैयारी है तो बिक्री घटने को लेकर पंप संचालक चिंतित हैं।

    दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बिबेक बनर्जी के अनुसार, जैसे-जैसे ईवी की तादात सड़कों पर बढ़ेगी, वैसे-वैसे पेट्रोल-डीजल की मांग में कमी संभव है। उसमें भी बड़ी बात कि ईवी चार्जिंग प्वाइंट की मांग बहुतयात में बढ़ेगी।

    सरकार को भेजेंगे प्रपोजल

    उस दिशा में वह लोग विचार कर रहे हैं। खुद को भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं। उसके लिए मौजूदा पंपों के स्वरूप में बदलाव लाना होगा। जिसके लिए जल्द ही दिल्ली सरकार को मसौदा भेजा जाएगा।

    जिसमें ईवी चार्जिंग प्वाइंट की स्थापना में सहयोग, सहायता व छूट की मांग हो सकती है। वह कहते हैं कि चिंताजनक स्थिति यह भी हो सकती है कि दिल्ली में पंजीयन बंद होने की स्थिति में यहां के निवासी वाहनों के दूसरे राज्यों से पंजीयन करा सकते हैं। वह सरकार के लिए चुनौती होगी।

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    पेट्रोलियम कंपनियों से होगी मंत्रणा

    पंपों पर ईवी चार्जिंग प्वाइंट लगाने के लिए उन्हें न सिर्फ सरकार से बल्कि पेट्रोलियम कंपनियों से भी मंत्रणा कर उसकी मंजूरी लेनी होगी। कई पंप पेट्रोलियम कंपनियों के हैं तो लाभ साझा माडल पर निजी पंप संचालित होते हैं।

    यह बदलाव करना होगा

    अभी सामान्यत: पेट्रोल पंपों पर बिजली कनेक्शन 20 से 25 किलोवाट का होता है। जबकि सीएनजी युक्त पंपों पर बिजली की मांग 120 किलोवाट तक हो जाती है।

    ईवी चार्जिंग प्वाइंट लगाने पर बिजली का लोड बढ़ाकर 400 किलो वाट तक कराना होगा। साथ ही ईवी चार्जिंग प्वाइंट लगाने हाेंगे। बिजली से बचाव के उपकरण भी लगाने के साथ उसके लिए कर्मियों को प्रशिक्षित भी करना होगा।

    ईई-रिक्शा व ई-कार्ट शामिल न करने का विरोध

    ईवी मैन्युफेक्चरिंग सोसायटी (ईवीएमएस) ने दिल्ली की नई ईवी नीति का यह कहते हुए विरोध किया है कि इसमें ई-रिक्शा व ई-कार्ट का जिक्र ही नहीं है, जिसे लेकर ई-रिक्शा चालकों, छोटे निर्माताओं और डीलरों में गहरी नाराजगी है।

    ईवी फेडरेशन के चेयरमैन अनुज शर्मा ने कहा कि ईवी नीति में छोटे निर्माताओं की अनदेखी की गई है। ईवीएमएस के महासचिव राजीव तुली ने कहा कि एल-पां महंगी गाड़ी है, जिसे बड़े निर्माताओं को फायदा पहुंचाने के लिए जबरदस्ती थोपा जा रहा है।

    जो काम डेढ़ लाख की गाड़ी में हो सकता है, वो काम सरकार हमसे चार से पांच लाख में करवाना चाह रही है। सरकार के इस निर्णय से एमएसएमई में आने वाले छोटे निर्माताओं का व्यापार खत्म हो जाएगा। सिर्फ बड़ी कंपनियां ही आगे बढ़ सकेंगी।

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