दिल्ली में रविवार को भी खुले पिंक कार्ड केंद्र, कामकाजी महिलाओं को मिली बड़ी राहत
दिल्ली में रविवार को भी पिंक कार्ड केंद्र खुले रहे, जिससे कामकाजी महिलाओं को काफी राहत मिली। छुट्टी का दिन होने के कारण भीड़ कम रही और कार्ड बनवाने की ...और पढ़ें

दिल्ली में रविवार को खुले रहेंगे पिंक कार्ड केंद्र।
HighLights
रविवार को भी खुले रहे पिंक कार्ड केंद्र।
कामकाजी महिलाओं को कार्ड बनवाने में मिली राहत।
भीड़ कम होने से प्रक्रिया हुई तेज, कार्ड जल्दी मिले।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। पिंक कार्ड केंद्रों पर रविवार को छुट्टी वाले दिन भी कार्ड बनाने की प्रक्रिया जारी रही। इससे सबसे अधिक राहत महिलाओं उन महिलाओं को मिली, जो दफ्तर की व्यस्तता के कारण केंद्रों तक नहीं पहुंच पा रही थीं। छुट्टी का दिन होने के बावजूद केंद्रों पर महिलाओं की भीड़ कम रही। जिससे महिलाओं को अन्य दिनों के मुकाबले कार्ड बनवाने में आसानी हुई।
प्रक्रिया में तेजी, कतारों से मुक्ति
आमतौर पर सोमवार से शनिवार तक इन केंद्रों पर महिलाओं की लंबी कतारें देखी जाती हैं, लेकिन रविवार को माहौल काफी अलग रहा। झंडेवालान एसडीएम कार्यालय, कश्मीरी गेट सहित कई केंद्रों पर भीड़ का दबाव कम रहा। जिस कारण प्रशासनिक कर्मियों को दस्तावेजों के सत्यापन और टोकन जारी करने में काफी आसानी हुई और महिलाओं को लंबी कतारों से मुक्ति भी मिली।
दोपहर तक हाथ में आ गया कार्ड
अन्य दिनों की तरह की केंद्रों पर सुबह से ही महिलाओं का आना शुरू हो गया था। पंजीकरण की प्रक्रिया इतनी तेज रही कि दोपहर होते- होते अधिकतर महिलाओं के हाथ में उनका पिंक कार्ड आ गया था। शालीमारबाग और नवी करीम जैसे क्षेत्रों के केंद्रों पर कार्ड बनवाने आई महिलाओं ने बताया कि रविवार को केंद्र खुला रहने से बहुत राहत मिली है। इससे न केवल उनकी समय की बचत हुई, बल्कि बिना किसी मानसिक दबाव के पंजीकरण का कार्य संपन्न हो गया।
महिलाओं की बातचीत
मेरे लिए आफिस से छुट्टी लेकर कार्ड बनवाना मुश्किल हो रहा था। छुट्टी के दिन परिवार के साथ झंडेवालान मंदिर में दर्शन के लिए आई थी, लेकिन एसडीएम कार्यालय में पिंक कार्ड बनता देखा तो कार्ड बनवा लिया। भीड़ कम होने के कारण आज महज 20 मिनट में कार्ड बनकर मिल गया। - बेबी, नबी करीम निवासी
मैं शालीमार बाग से यहां चांदनी चौक में खरीदारी करने आई थी, लेकिन जब मैंने कश्मीरी गेट केंद्र पर पिंक कार्ड बनते देखा तो आज कार्ड बनवा लिया। आधे घंटे में कार्ड बनकर मिल गया।
- कृष्णा, शालीमार बाग निवासी