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    फेसबुक पर मिला 'एयरपोर्ट कर्मचारी', बेटे की नौकरी के नाम पर 16 बार में महिला से ठगे लाखों; गिरफ्तार

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 10:46 AM (IST)

    साइबर ठगों ने नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं और उनके स्वजनों को निशाना बनाने का नया तरीका अपनाया है। एक महिला से 3.03 लाख रुपये ठगने वाले को गिरफ्तार क ...और पढ़ें

    आरोपित ने महिला के 20 वर्षीय बेटे को केबिन क्रू की नौकरी दिलाने का झांसा देकर अलग-अलग मदों के नाम पर रकम वसूली थी।

    आरोपित ने महिला के 20 वर्षीय बेटे को केबिन क्रू की नौकरी दिलाने का झांसा देकर अलग-अलग मदों के नाम पर रकम वसूली थी।

    HighLights

    1. फेसबुक पर आईजीआई एयरपोर्ट कर्मचारी बनकर ठगी।

    2. महिला से केबिन क्रू नौकरी के लिए 3.03 लाख ठगे।

    3. दिल्ली पुलिस ने आरोपी राजीव कुमार को किया गिरफ्तार।

    सौरभ पांडेय, पूर्वी दिल्ली। साइबर ठगों ने नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं और उनके स्वजन को निशाना बनाने का नया तरीका अपनाया है। उत्तर-पूर्वी जिले की साइबर थाना पुलिस ने ऐसे ही एक मामले का पर्दाफाश करते हुए फेसबुक पर खुद को आईजीआई एयरपोर्ट का कर्मचारी बताकर महिला से 3.03 लाख रुपये ठगने वाले आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित ने महिला के 20 वर्षीय बेटे को केबिन क्रू की नौकरी दिलाने का झांसा देकर अलग-अलग मदों के नाम पर रकम वसूली थी।

    महिला झांसे में आ गई

    पुलिस के अनुसार, शिव विहार निवासी सोमवती की शिकायत पर साइबर थाने में ई-एफआईआर संख्या 00061/2025 दर्ज की गई थी। महिला ने बताया कि जुलाई 2024 में फेसबुक के जरिये उसकी एक व्यक्ति से बातचीत हुई थी। उसने खुद को दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट में कर्मचारी बताया और महिला को विश्वास दिलाया कि वह उसके बेटे की केबिन क्रू में नौकरी लगवा सकता है। नौकरी का झांसा मिलने के बाद महिला उसके झांसे में आ गई।

    दस्तावेज शुल्क के नाम पर वसूली

    आरोपित ने नौकरी की प्रक्रिया को वास्तविक दिखाने के लिए महिला से अलग-अलग बहाने बनाए। कभी सिक्योरिटी डिपॉजिट, कभी दस्तावेज तैयार कराने और कभी भर्ती प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर पैसे मांगे। महिला ने उसकी बातों पर भरोसा कर 17 सितंबर 2024 से 26 दिसंबर 2024 के बीच कुल 16 बार यूपीआई और फोनपे के माध्यम से 3,03,120 रुपये उसके बताए खातों में भेज दिए।

    रकम मिलने के बाद भी आरोपित ने नौकरी नहीं लगवाई। महिला ने जब उससे पैसे वापस मांगने शुरू किए तो उसने फेसबुक पर उसे ब्लॉक कर दिया और फोन पर बातचीत भी बंद कर दी। इसके बाद वह महिला के संपर्क से बाहर हो गया।

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    तकनीकी जांच से आरोपित तक पहुंची पुलिस

    मामले की जांच के दौरान पुलिस ने रकम के लेनदेन, मोबाइल नंबर और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण किया। साइबर पुलिस ने डिजिटल निगरानी और वित्तीय लेनदेन की जांच के आधार पर आरोपित की पहचान और उसके ठिकाने का पता लगाया। पुलिस टीम ने 6 अगस्त को मधु विहार से 32 वर्षीय राजीव कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, वह वहां एक ब्लिंकिट स्टोर में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहा था।

    मिटा देता था डिजिटल सुबूत

    पूछताछ में आरोपित ने पुलिस को बताया कि वह फेसबुक पर नौकरी तलाशने वाले लोगों से संपर्क करता था और खुद को आईजीआई एयरपोर्ट का कर्मचारी बताकर उनका विश्वास जीतता था। इसके बाद एयरपोर्ट में नौकरी दिलाने का लालच देकर उनसे सिक्योरिटी डिपॉजिट, दस्तावेज शुल्क और भर्ती प्रक्रिया के नाम पर किस्तों में रकम लेता था।

    पुलिस के अनुसार, पैसे मिलने के बाद आरोपित पीड़ितों को सोशल मीडिया पर ब्लॉक कर देता था। उसने इस मामले में फेसबुक की चैट भी डिलीट कर दी और वारदात में इस्तेमाल सिम कार्ड को नष्ट कर दिया था। ठगी की रकम का इस्तेमाल वह निजी खर्च और अपने कर्ज चुकाने में करता था।

    मामले में आगे की जांच जारी

    पुलिस ने आरोपित के पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन और ठगी की रकम से जुड़े बैंक दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने कितने लोगों को इसी तरीके से निशाना बनाया और ठगी की रकम के लेनदेन में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। मामले में आगे की जांच जारी है।