पार्ट-टाइम जॉब और इन्वेस्टमेंट स्कैम का भंडाफोड़, साइबर ठगों को 'म्यूल बैंक खाते' सप्लाई करने वाले 2 गुर्गे अरेस्ट
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने पार्ट-टाइम जॉब और ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी करने वाले दो साइबर ठगों, दिनेश और विकास सियाग को जोधपुर से गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

पार्ट-टाइम जॉब और निवेश ठगी में दो आरोपी गिरफ्तार।
HighLights
पार्ट-टाइम जॉब और निवेश ठगी में दो आरोपी गिरफ्तार।
जोधपुर से दिनेश और विकास सियाग को पकड़ा गया।
म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल कर करते थे धोखाधड़ी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। मध्य जिला की साइबर सेल थाना ने पार्ट-टाइम जाब और आनलाइन इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी करने वाले एक साइबर सिंडिकेट का पर्दाफाश कर दो आरोपित को गिरफ्तार किया है। इन्हें जोधपुर से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपित साइबर सिंडिकेट को म्यूल बैंक खाता उपलब्ध कराते थे।
डीसीपी रोहित राजबीर सिंह के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपितों के नाम दिनेश और विकास सियाग है। इनके पास से चार मोबाइल फोन और एक सिमकार्ड बरामद किया है। नौ जुलाई को साइबर सेल थाने में टेलीग्राम के जरिए पार्ट-टाइम जाब और इन्वेस्टमेंट के नाम पर हुई ठगी की शिकायत दर्ज की गई थी।
पीड़ित को 9 जून को टेलीग्राम पर पायल सिंह जाट नाम की आइडी से मैसेज आया था। पहले उसे ''फूडपांडा'' के आनलाइन रिव्यू टास्क दिए गए। फिर दो जुलाई को उसे गौरिका ओजस नामक दूसरे यूजर से मिलवाया गया, जिसने मोटे मुनाफे का लालच देकर आनलाइन इन्वेस्टमेंट स्कीम में पैसे लगाने के लिए उकसाया।
झांसे में आकर पीड़ित ने उन्होंने अपने एसबीआइ और पंजाब नेशनल बैंक खातों से यूपीआइ व आइएमपीएस के जरिए जालसाजों द्वारा दिए गए खातों में कुल 2,84,100 ट्रांसफ़र कर दिए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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जांच के दौरान पुलिस ने जब पैसों के लेन-देन की छानबीन की, तो पता चला कि ठगे गए पैसों में से एक लाख आरोपित दिनेश के सेंट्रल बैंक आफ इंडिया (जोधपुर शाखा) के खाते में जमा हुए थे। बैंक रिकार्ड्स से पता चला कि 80,000 जोधपुर के एटीएम से निकाल भी लिए गए। 38,000 अजमेर के एचडीएफसी एटीएम से निकाले गए और 19,500 एक पेट्रोल पंप पर खर्च किए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी पहाड़गंज सौरभ ए. नरेंद्र व साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर योगराज दलाल की टीम ने 31 जुलाई को जोधपुर में छापेमारी कर दिनेश को धर दबोचा। पूछताछ और उसकी निशानदेही पर विकास सियाग को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में पता चला कि जिस बैंक खाते का इस्तेमाल इस ठगी में हुआ था, वह देश के अलग-अलग हिस्सों की पांच अन्य साइबर ठगी की शिकायतों से भी जुड़ा हुआ है। इससे साफ होता है कि यह गिरोह लगातार लोगों को अपना शिकार बना रहा था।