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ड्रग्स तस्करी का नया तरीका: पोर्टर एप से MNC कर्मचारियों तक पहुंचाई जा रही थी एम्फेटामाइन, पुलिस ने दबोचा

Published: Thu, 27 Aug 2026 08:31 AM (IST)

दिल्ली पुलिस ने पोर्टर एप के जरिए एम्फेटामाइन की तस्करी करने वाले एक भारतीय और एक घाना नागरिक को गिरफ्तार ...और पढ़ें

दिल्ली पुलिस ने दो आरोपी दबोचे। जागरण

दिल्ली पुलिस ने दो आरोपी दबोचे। जागरण

HighLights

  1. पोर्टर एप का उपयोग कर एम्फेटामाइन तस्करी का खुलासा हुआ।

  2. दिल्ली पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार किया, ड्रग्स जब्त।

  3. गुरुग्राम-नोएडा के एमएनसी कर्मचारियों को निशाना बनाते थे आरोपी।

जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। गुरुग्राम और नोएडा में बीपीओ व बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी) में काम करने वाले कर्मचारियों तक पोर्टर एप के जरिये एम्फेटामाइन की छोटी-छोटी खेप पहुंचाई जा रही थी।

द्वारका जिला पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक भारतीय पेडलर प्रणव लामा (30) और घाना के नागरिक आगस्टीन जान क्वारे (65) को गिरफ्तार किया है।

उच्च गुणवत्ता वाला एम्फेटामाइन बरामद

पुलिस के अनुसार, दोनों के कब्जे से 31.14 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाला एम्फेटामाइन बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार प्रणव लामा पोर्टर एप के जरिये कम मात्रा में नशीला पदार्थ ग्राहकों तक पहुंचाता था।

पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि प्रणव इसी माह के शुरुआत में एक अफ्रीकी नागरिक के संपर्क में आया था। इसके बाद उसने एम्फेटामाइन की सप्लाई शुरू कर दी। वह सीधे ग्राहकों तक पहुंचने के बजाय पोर्टर एप के जरिये छोटी खेप भेजता था।

खरीदारों का बना रखा था वॉट्सएप ग्रुप

वहीं, जांच में यह भी सामने आया है कि उसने अपने पुराने खरीदारों का वॉट्सएप ग्रुप बना रखा था। इसी ग्रुप के माध्यम से एमएनसी और बीपीओ में काम करने वाले कुछ लोग उसके संपर्क में आए थे।

उपायुक्त कुशल पाल सिंह ने बताया कि एसीपी आपरेशन सेल सुभाष मलिक की निगरानी में एंटी नारकोटिक्स सेल के प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार की टीम नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वालों पर लगातार नजर रख रही थी। मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति पोर्टर एप के जरिये कम मात्रा में एम्फेटामाइन की सप्लाई कर रहा है।

20.77 ग्राम एम्फेटामाइन बरामद

सूचना के आधार पर टीम ने बिंदापुर थाना क्षेत्र में छापेमारी की। यहां किराये के मकान से प्रणव को पकड़ा गया। उसके कब्जे से 10.37 ग्राम एम्फेटामाइन बरामद हुआ। प्रणव ने बताया कि वह यह नशीला पदार्थ द्वारका मोड़ के पास एक अफ्रीकी नागरिक से लेता था। प्रणव की निशानदेही पुलिस टीम ने द्वारका मोड़ के पास आगस्टीन को पकड़ लिया। उसके कब्जे से 20.77 ग्राम एम्फेटामाइन बरामद हुआ।

पूछताछ में आगस्टीन ने पुलिस को बताया कि वह 2012 में नेपाल सीमा के रास्ते भारत आया था। वह पहले ठगी के एक मामले में गिरफ्तार हो चुका है। पिछले कुछ समय से वह दिल्ली में सक्रिय अफ्रीकी ड्रग तस्करों के संपर्क में था। पुलिस अब उसके संपर्क में रहे लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। प्रणव के खिलाफ पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।

कपड़ों से होती थी ग्राहक की पहचान

जांच में सामने आया है कि आरोपित ड्रग की छोटी-छोटी खेप ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए पोर्टर एप का इस्तेमाल कर रहा था। ये लोग किसी निश्चित पता पर ड्रग भेजने के बजाय एक सार्वजनिक स्थान पर स्थित लैंड मार्क का पता पोर्टर देते थे। पोर्टर उक्त स्थान पर पहुंचता और ग्राहक खुद ही उसके कपड़ों से पहचान कर उसके अपना पैकेट ले लेता था। इस दौरान आरोपित अपने वाट्सएप से संपर्क में रहता था।

छोटे पैकेट की जांच नहीं होने का उठाया जाता था फायदा

प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि एप के माध्यम से भेजे जाने वाले छोटे पैकेट की प्राथमिक स्तर पर विस्तृत जांच नहीं होती है। इसी का फायदा उठाकर आरोपित मात्र एक से दो ग्राम नशीले पदार्थ की छोटी खेप अलग-अलग स्थानों तक पहुंचा रहा था।

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पुलिस अब इस प्रक्रिया और उसके संभावित दुरुपयोग से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। साथ ही पुलिस ने इस संबंध में पोर्टर एप को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।