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कूरियर से कनाडा भेजी जा रही थी अफीम, बदले में मिल रहे थे हथियार; दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने किया पर्दाफाश

Published: Wed, 26 Aug 2026 10:26 AM (IST)

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग और हथियार तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो भारत से ...और पढ़ें

भारत से कूरियर के जरिए कनाडा अफीम भेजी जा रही थी और इसके बदले में खालिस्तानी आतंकी गतिविधियों के लिए हथियार मंगाए जा रहे थे। एआई इमेज

भारत से कूरियर के जरिए कनाडा अफीम भेजी जा रही थी और इसके बदले में खालिस्तानी आतंकी गतिविधियों के लिए हथियार मंगाए जा रहे थे। एआई इमेज

HighLights

  1. दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग-हथियार तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया।

  2. कनाडा अफीम भेजकर खालिस्तानी आतंकी गतिविधियों के लिए हथियार मंगाए जाते थे।

  3. खालिस्तान टाइगर फोर्स के अर्श डाला का नेटवर्क ध्वस्त, चार गिरफ्तार।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग स्मगलिंग और हथियार तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि भारत से कूरियर के जरिए कनाडा अफीम भेजी जा रही थी और इसके बदले में खालिस्तानी आतंकी गतिविधियों के लिए हथियार मंगाए जा रहे थे।

खालिस्तान टाइगर फोर्स के लिए जुटा रहे थे फंड

यह पूरा नेक्सस नामित खालिस्तानी आतंकी अर्शदीप सिंह गिल उर्फ अर्श डाला द्वारा चलाया जा रहा था, जो खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) का प्रमुख है। विशेष पुलिस आयुक्त (क्राइम) एचजीएस धालीवाल ने बताया कि इस रैकेट का मकसद केटीएफ की आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग और हथियार जुटाना था।

चार आरोपी गिरफ्तार, 5.8 किलो अफीम बरामद

पुलिस ने महीने भर चले इस ऑपरेशन में गिरोह के चार सदस्यों—सिमरनजीत सिंह, हरदीप सिंह, यादविंदर सिंह उर्फ जशन संधू और जीवन सिंह को गिरफ्तार किया है। इनके पास से कुल 5.8 किलोग्राम से अधिक अफीम बरामद की गई है।

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एआई की मदद से बनाया गया इंफोग्राफ 

कैसे काम करता था यह सिंडिकेट?

  • सामान के बदले सामान: भारत से अफीम कनाडा कूरियर के जरिए भेजी जाती थी, जबकि पाकिस्तान सीमा से ड्रोन ड्रॉप्स के जरिए पंजाब में हथियार भारत लाए जाते थे।
  • तस्करी का तरीका: वेस्ट दिल्ली के मोती नगर स्थित एक कूरियर कंपनी से कनाडा भेजे जा रहे पार्सल में अफीम छिपाई गई थी। कपड़ों और खाद्य पदार्थों के डिब्बों में सिल्वर-फॉयल के जरिए नकली तला बनाकर अफीम रखी जाती थी।
  • फर्जी दस्तावेज: पार्सल बुक करने के लिए फर्जी केवाईसी और झूठे पतों का इस्तेमाल किया जाता था।
  • मजबूत मुनाफा: भारत में 1.5 लाख रुपये प्रति किलो (150 रुपये प्रति ग्राम) में खरीदी गई अफीम कनाडा की सड़कों पर 50 से 100 कैनेडियन डॉलर (लगभग 3,300 से 6,700 रुपये प्रति ग्राम) में बिकती थी, जो कि 20 गुना से अधिक का मुनाफा है।

पुलिस ने कूरियर चेन को ट्रेस करते हुए पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में छापेमारी कर प्रमुख साजिशकर्ताओं को पकड़ा। एनक्रिप्टेड ऐप्स सिग्नल और कैनेडियन व्हाट्सएप्प के विश्लेषण से इस नेटवर्क का खुलासा हुआ है। मामले की आगे जांच जारी है।

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