सस्ता विदेशी माल, महंगे ब्रांड का ठप्पा... दिल्ली में चल रहे नकली बेयरिंग के बड़े 'खेल' का भंडाफोड़
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने फराश खाना में नकली बेयरिंग बनाने वाली दो फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ कर दो आरोपियों को किया गिरफ्तार। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस, क्राइम ब्रांच की एंटी-रैकेटियरिंग एंड स्ट्रेटेजिक क्राइम विंग ने नकली प्रोडक्ट्स के खिलाफ कार्रवाई करते हुए फराश खाना इलाके में चल रहे नकली बेयरिंग बनाने वाली दो फैक्ट्रियों पर छापा मार दो आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।
साथ ही फैक्ट्रियों को भी पुलिस ने सील कर दिया है। दोनों आरोपित विदेश से सस्ते बेयरिंग मंगवाकर उन पर देश-विदेश के नामी ब्रांड्स के फर्जी ट्रेडमार्क लगाकर उन्हें बाजार में असली बताकर महंगे दामों पर बेच देते थे।
डीसीपी क्राइम ब्रांच संजीव कुमार यादव के मुताबिक गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपितों में आमिर खान, लाल कुआं का रहने वाला है वह पुराने बेयरिंग खरीदने और उनकी मरम्मत का काम करता था। उसका पुराना आपराधिक रिकार्ड भी है। वह 2006 में भी कमला मार्केट थाने में इसी तरह के जालसाजी और काराइट उल्लंघन के मामले में गिरफ्तार हो चुका है।
मोहम्मद अनस, ललिता पार्क, लक्ष्मी नगर का रहने वाला है। वह भी पुराने बेयरिंग की मरम्मत कर बाजार में बेचने का काम करता था। इसका कोई पुराना आपराधिक रिकार्ड नहीं मिला है। इनकी निशानदेही पर 5,067 नकली बेयरिंग, चार स्टैम्पिंग मशीनें, एक पैकिंग मशीन और भारी मात्रा में छपाई और पैकिंग सामग्री बरामद की गई है।
नकली सामानों के निर्माण और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत क्राइम ब्रांच के एसीपी संजय कुमार नागपाल और इंस्पेक्टर के.के. शर्मा की टीम को 16 मई को सूचना मिली कि फराश खाना इलाके में सस्ते इम्पोर्टेड बेयरिंग्स पर नामी कंपनियों के लोगो छापने का अवैध धंधा चल रहा है।
इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने संबंधित कंपनियों के कानूनी प्रतिनिधियों को साथ लेकर मीर मदारी गली, फराश खाना में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान दो अलग-अलग वर्कशाप में अवैध काम होते देश उन्हें सील कर दिया गया। एक वर्कशाप से अलग-अलग साइज के 4,959 नकली बेयरिंग बरामद हुए, जिन पर एक नामी ब्रांड का ट्रेडमार्क लगा था।
इसके अलावा 3 स्टैम्पिंग मशीनें, एक पैकिंग मशीन और पैकिंग मटेरियल मिला। दूसरे वर्कशाप से 108 नकली बेयरिंग (87 बड़े और 21 छोटे साइज के) बरामद हुए, जिन पर एक नामी ब्रांड का फर्जी ट्रेडमार्क अंकित था। यहां से भी एक स्टैम्पिंग मशीन बरामद की गई।
इस मामले में क्राइम ब्रांच ने कापीराइट एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दो मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया। क्राइम ब्रांच अब इस बात का पता लगा रही है कि यह सिंडिकेट विदेश में किन लोगों से सस्ते बेयरिंग मंगवाता था और दिल्ली-एनसीआर समेत देश के किन-किन बाजारों में इन नकली स्पेयर पार्ट्स की सप्लाई की जाती थी। पुलिस इस रैकेट से जुड़े अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है।
