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दिल्ली HC ने विनेश फोगाट की याचिका पर WFI को जारी किया नोटिस, तत्काल राहत देने से कोर्ट का इनकार

Published: Mon, 18 May 2026 06:40 PM (IST)Updated: Mon, 18 May 2026 07:07 PM (IST)

दिल्ली हाईकोर्ट ने पहलवान विनेश फोगाट की याचिका पर रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) को नोटिस जारी किया है।

पहलवान विनेश फोगाट की याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।

पहलवान विनेश फोगाट की याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।

HighLights

  1. दिल्ली HC ने WFI को विनेश फोगाट की याचिका पर नोटिस दिया।

  2. कोर्ट ने तत्काल राहत देने से इनकार किया, अगली सुनवाई 6 जुलाई।

  3. विनेश ने WFI के शो-कॉज नोटिस और ट्रायल फैसले को चुनौती दी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने पहलवान विनेश फोगाट की याचिका पर रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। विनेश फोगाट ने डब्ल्यूएफआई द्वारा उन्हें जारी किए गए शो-कॉज नोटिस और आगामी खेलों के लिए ट्रायल में अपना नाम शामिल न करने के फैसले को चुनौती दी है।

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने तत्काल कोई राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने इस मामले को 6 जुलाई को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया है।विनेश फोगाट इस फैसले के खिलाफ अदालत पहुंची थीं। डब्ल्यूएफआई को नोटिस मिलने के बाद अब उसका जवाब आने के बाद ही मामले की आगे की कार्यवाही होगी।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि पहलवान विनेश फोगाट की याचिका पर कोई आदेश देने से पहले वह डब्ल्यूएफआई की चयन नीति का परीक्षण करेगा। 14 मई को विनेश फोगाट ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने डब्ल्यूएफआई के साथ चल रहे विवाद के बीच राष्ट्रीय चयन प्रक्रिया से अपना नाम बाहर किए जाने को चुनौती दी है। पिछले सप्ताह विनेश उत्तर प्रदेश के गोंडा में नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में अपनी वापसी के लिए पहुंची थीं, लेकिन डब्ल्यूएफआई ने उन्हें पहले शो-कॉज नोटिस का जवाब देने को कहा। इसके बाद निराश विनेश अदालत पहुंचीं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विनेश फोगाट से शो-कॉज नोटिस का जवाब देने को कहा।

कोर्ट ने कहा कि वह डब्ल्यूएफआई की योग्यता और ट्रायल संबंधी नियमों का अध्ययन करने के बाद ही यह फैसला लेगा कि विनेश को आगामी चयन प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति दी जाए या नहीं। यह मामला डब्ल्यूएफआई और भारत की सबसे सफल पहलवानों में शामिल विनेश फोगाट के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव की नई कड़ी है। विनेश ने पेरिस ओलंपिक के बाद रिटायरमेंट लेने के कुछ महीनों बाद ही वापसी की घोषणा की थी।

डब्ल्यूएफआई का कहना है कि विनेश ने फेडरेशन के संविधान और यूडब्ल्यूडब्ल्यू नियमों का उल्लंघन किया है, इसलिए जब तक वे शो-कॉज नोटिस का जवाब नहीं देतीं, उन्हें प्रतिस्पर्धा का मौका नहीं दिया जा सकता। वहीं, विनेश का पक्ष है कि इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (आईटीए) के अनुसार वे खेलने के योग्य हैं। इस विवाद ने कुश्ती जगत में राय बांट दी है।

एक समूह ने हाईकोर्ट में दखल देते हुए कहा है कि विनेश को सीधा राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिलनी चाहिए, उन्हें भी अन्य पहलवानों की तरह क्वालीफाई प्रक्रिया से गुजरना चाहिए। वहीं ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने विनेश का समर्थन किया है।

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