रोहिणी कोर्ट में विवाद के बाद दिल्ली HC की कार्रवाई, जज राकेश कुमार को न्यायिक कार्यों से हटाया गया
दिल्ली हाई कोर्ट ने रोहिणी कोर्ट के जिला न्यायाधीश राकेश कुमार-5 को एक अधिवक्ता से तीखी बहस के बाद न्यायिक ...और पढ़ें

विवाद के बाद न्यायिक कार्यों से हटाए गए जिला न्यायाधीश राकेश कुमार। (AI Generated Image)
HighLights
न्यायाधीश राकेश कुमार-5 न्यायिक कार्यों से हटाए गए।
अधिवक्ता से तीखी बहस के बाद विवाद बढ़ा।
दिल्ली ज्यूडिशियल अकादमी में निदेशक पद पर संबद्ध।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने रोहिणी कोर्ट में जिला न्यायाधीश-04 राकेश कुमार-5 और एक अधिवक्ता के बीच हुई तीखी बहस का मामला बढ़ने के बाद जिला न्यायाधीश को न्यायिक कार्यों से हटा दिया है। हाई कोर्ट ने विवाद के तूल पकड़ने के बाद जिला न्यायाधीश को किसी अन्य अदालत में तबादला करने की बजाय दिल्ली ज्यूडिशियल अकादमी के साथ संबद्ध कर दिया है।
यहां वो बतौर निदेशक कार्यरत रहेंगे। वहीं, उनकी जगह दिल्ली ज्यूडिशियल अकादमी के अतिरिक्त निदेशक धीरज मित्तल को जिला न्यायाधीश-04, उत्तर-पश्चिमी, रोहिणी के पद पर नियुक्त किया गया है। हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल अरुण भारद्वाज ने रविवार को ये आदेश जारी कर इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश दिया है।
पासओवर देने के विवाद में हुई बहस
मामला शनिवार को रोहिणी कोर्ट में सुनवाई के दौरान सामने आया। रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व अधिवक्ता राजीव तेहलान एक मामले में पेश हुए थे। इसी दौरान उन्होंने अदालत से पासओवर देने का अनुरोध किया। अधिवक्ताओं ने बताया कि इसी बात को लेकर जिला न्यायाधीश राकेश कुमार और अधिवक्ता के बीच बहस शुरू हो गई। कुछ ही देर में बहस तीखी नोकझोंक में बदल गई और कोर्टरूम का माहौल तनावपूर्ण हो गया। वहां मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो बाद में इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो गया।
वीडियो में अदालत के भीतर दोनों पक्षों के बीच ऊंची आवाज में बहस होती दिखाई दे रही है। वीडियो सामने आने के बाद अधिवक्ताओं के बीच नाराजगी बढ़ गई। रविवार को दिल्ली की सभी जिला अदालत बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति की आपात बैठक हुई। बैठक में समिति ने जिला न्यायाधीश राकेश कुमार-5 के व्यवहार को अत्यंत आपत्तिजनक, अनुचित और अस्वीकार्य बताया।
समिति ने कहा कि इस घटना से जिला अदालतों के अधिवक्ताओं में गहरा रोष है। समिति ने मांग की थी कि जिला न्यायाधीश राकेश कुमार का तत्काल तबादला किया जाए, उनसे सभी न्यायिक कार्य वापस लिए जाएं और उनके आचरण की जांच कराई जाए। इसके कुछ घंटे बाद ही दिल्ली हाई कोर्ट ने तबादला आदेश जारी कर दिया।
लंबित मामलों और सुरक्षित फैसलों पर निर्देश
हाई कोर्ट ने आदेश में यह भी कहा कि तबादला किए गए जिला न्यायाधीश अपने पास लंबित उन मामलों की जानकारी देंगे, जिनमें आदेश या फैसला सुरक्षित रखा गया है। ऐसे मामलों में उनकी जगह पर नियुक्त अधिकारी को तय तारीख या अधिकतम दो से तीन सप्ताह के अंदर आदेश सुनाना होगा व इसकी जानकारी काज लिस्ट और जिला अदालतों व दिल्ली ज्यूडिशियल अकादमी की वेबसाइट पर भी प्रदर्शित की जाएगी।
हाई कोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल ने कहा कि तबादला किए गए जिला न्यायाधीश अपने पास सुरक्षित रखे गए निर्णयों और आदेशों वाले मामलों की जानकारी कार्यभार छोड़ने से पहले देंगे। साथ ही ऐसे मामलों में उन्हें तय तारीख पर या अधिकतम दो से तीन सप्ताह के अंदर फैसला या आदेश सुनाना होगा। हाई कोर्ट ने यह भी कहा है कि निर्णय सुनाने की तारीख संबंधित अदालत की काज लिस्ट, जिला अदालतों की वेबसाइट और दिल्ली ज्यूडिशियल अकादमी की वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएगी।
