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दिल्ली में फर्जी फॉरेक्स ट्रेडिंग से ठगी, सोने में निवेश कर छुपाते थे पैसा; इंदौर से गिरोह के छह सदस्य गिरफ्तार

Updated: Sat, 23 May 2026 05:30 AM (IST)

पश्चिमी दिल्ली साइबर पुलिस ने एक संगठित ऑनलाइन ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो फर्जी फॉरेक्स ट्रेडिंग और निवेश योजनाओं के नाम पर लोगों को ठगता था। य ...और पढ़ें

फर्जी फॉरेक्स ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश योजनाओं के नाम पर ठगी कर सोना में निवेश करनेवाला गिरोह पकड़ा गया।

फर्जी फॉरेक्स ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश योजनाओं के नाम पर ठगी कर सोना में निवेश करनेवाला गिरोह पकड़ा गया।

HighLights

  1. पश्चिमी दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया।

  2. फर्जी फॉरेक्स ट्रेडिंग से ठगी कर सोने में निवेश करते थे।

  3. इंदौर से छह आरोपी गिरफ्तार, एक करोड़ की ठगी का खुलासा।

जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। पश्चिमी जिले की साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे संगठित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो देशभर के लोगों को फर्जी फॉरेक्स ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश योजनाओं के नाम पर ठगने के बाद उस रकम से सोना खरीदता था।

इसके बाद आरोपित उस सोने को बैंकों में गिरवी रखकर गोल्ड लोन लेते थे और फिर आगे की ठगी से जुटाए गए पैसों से लोन चुकाकर सोना छुड़ा लेते थे, ताकि असली रकम का ट्रेल पुलिस और जांच एजेंसियों की नजरों से छिपा रहे। पुलिस ने इस मामले में इंदौर, मध्य प्रदेश से संचालित एक अवैध काल सेंटर पर छापा मारकर छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

करीब एक करोड़ रुपये की साइबर ठगी का पता चला

जांच में अब तक करीब एक करोड़ रुपये की साइबर ठगी का पता चला है। गिरफ्तार आरोपितों में मास्टर माइंड कार्तिक अग्रवाल जो पहले खुद एक ट्रेडिंग कंपनी में काम करता था, राजा अग्रवाल, हर्ष केशरे, निखिल भालसे, दीपक उमाठ और विपिन यादव शामिल हैं। सभी आरोपितों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों और ठगी के नेटवर्क की जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई साइबर थाना पश्चिम जिला पुलिस एनसीपीआर पोर्टल पर मनोज चौहान नामक शिकायतकर्ता द्वारा दर्ज की जांच शुरू की थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि एक महिला ने उसे मेटा कोट्स नामक कंपनी के जरिए फारेक्स ट्रेडिंग में निवेश का झांसा दिया।

उन्हें फर्जी ट्रेडिंग डैशबोर्ड पर नकली मुनाफा दिखाकर उससे अलग-अलग बहानों जैसे लीवरेज चार्ज, जीएसटी, पेनाल्टी, टीडीएस और अकाउंट अनलाक फीस के नाम पर कुल 10.51 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए।

मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी निगरानी, आइएमईआइ विश्लेषण, मोबाइल ट्रैकिंग और मनि ट्रेल की जांच के जरिए आरोपितों की लोकेशन इंदौर में ट्रेस की।

पुलिस ने इंदौर के कार्पोरेट हाउस की चौथी मंजिल पर मारा छापा

इसके बाद पुलिस ने इंदौर के आरएनटी मार्ग स्थित कार्पोरेट हाउस की चौथी मंजिल पर चल रही बीजेटी ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी में छापा मारा। जहां 41 लोग मौजूद मिले, जिनमें 35 महिला टेली-कालर शामिल थी। ये सभी लोगों को काल कर फर्जी मेटा कोट्स प्लेटफार्म के जरिए निवेश करने के लिए उकसा रहे थे। गिरोह फर्जी पहचान, फर्जी सिम कार्ड, म्यूल बैंक खातों और लेयर्ड बैंकिंग चैनलों के जरिए ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करता था।

छापेमारी के दौरान 47 मोबाइल फोन, 46 सिम कार्ड, 29 कंप्यूटर सिस्टम, 10 चेक बुक, दो पास मशीन, नोट गिनने की मशीन, दो पासपोर्ट, डेबिट कार्ड, अकाउंट किट, रबर स्टांप, दो राउटर, एक मैकबुक, 1.21 लाख रुपये नकद, 100 अमेरिकी डालर, 1820 थाई भाट और 90 दिरहम बरामद किए हैं।

जांच में पता चला कि गिरोह टेलीग्राम नेटवर्क के जरिए फर्जी ट्रेडिंग ऐप और लिंक खरीदता था। वहीं इंडिया मार्ट और अन्य आनलाइन प्लेटफार्म से ग्राहकों का डाटा खरीदकर टेली-कालर लोगों को निवेश के लिए फंसाते थे। आरोपित गोल्ड, सिल्वर, निफ्टी, बैंक निफ्टी और यूएसडीटी जैसे निवेश विकल्पों में भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से रकम ऐंठते थे।

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